खंड शिक्षा अधिकारी अशोक कुमार नांदल ने रेवाड़ी के सीहा और धवाना गांवों के सरकारी स्कूलों का औचक निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने जल संरक्षण, स्वच्छता और नए दाखिलों को प्रोत्साहित करने पर जोर दिया।
धनेश, रेवाड़ी। खोल खंड के शिक्षा अधिकारी अशोक कुमार नांदल ने शिक्षा व्यवस्था में सुधार और शैक्षणिक गतिविधियों का जायजा लेने के लिए गांव सीहा और धवाना के सरकारी स्कूलों का औचक निरीक्षण किया। इस आकस्मिक दौरे के दौरान उन्होंने स्कूलों के मुखियाओं और शिक्षकों के साथ संवाद किया और विद्यालयों में चल रही विभिन्न परियोजनाओं की समीक्षा की। बीईओ नांदल ने विशेष रूप से नए शैक्षणिक सत्र में अधिक से अधिक दाखिले लेने और प्राइवेट स्कूलों को छोड़कर सरकारी स्कूलों में आने वाले विद्यार्थियों को प्रोत्साहित करने पर बल दिया ताकि सरकारी शिक्षा के प्रति विश्वास और मजबूत हो सके।
शैक्षणिक गतिविधियों और विकास कार्यों का अवलोकन
निरीक्षण के दौरान श्री नांदल ने राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय सीहा में जल संरक्षण पखवाड़े की प्रगति देखी और जीव विज्ञान की निर्माणाधीन प्रयोगशाला का जायजा लिया। उन्होंने ग्राम पंचायत द्वारा खेल परिसर में किए जा रहे सौंदर्यीकरण कार्य और जनगणना व निकाय चुनाव से संबंधित जागरूकता अभियानों की सराहना की। इसके साथ ही उन्होंने कक्षा प्रबंधन का बारीकी से निरीक्षण किया और शिक्षकों को निर्देश दिए कि वे छात्रों को रचनात्मक शिक्षण के माध्यम से जोड़ें। उन्होंने विद्यालय में स्वच्छता अभियान को प्राथमिकता देने और पेयजल व शौचालय प्रबंधन को बेहतर बनाए रखने के लिए विशेष दिशा-निर्देश जारी किए।
साप्ताहिक निरीक्षण और गुणवत्ता सुधार का संकल्प
राजकीय प्राथमिक पाठशाला सीहा और राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय धवाना में बीईओ ने कंडम घोषित हो चुके भवनों की विभागीय नियमावली के अनुसार बोली लगवाने की प्रक्रिया में तेजी लाने के निर्देश दिए। उन्होंने स्पष्ट किया कि अब वे खोल खंड के सभी स्कूलों का साप्ताहिक आधार पर औचक निरीक्षण करेंगे ताकि धरातल पर शैक्षणिक गुणात्मक सुधार सुनिश्चित किया जा सके। इस दौरान सीहा स्कूल के प्राचार्य सत्यवीर नाहड़िया, प्राथमिक स्कूल की हेड सुमित्रा देवी और धवाना स्कूल के प्राचार्य नरेंद्र कुमार सहित समस्त स्टाफ उपस्थित रहा। विभाग का मुख्य ध्यान अब स्कूलों के सौंदर्यीकरण और छात्रों की संख्या बढ़ाने पर केंद्रित है।
गुणवत्ता की जांच के लिए निर्देश
बीईओ अशोक कुमार नांदल ने मिड-डे मील की गुणवत्ता की भी जांच की और निर्देश दिए कि बच्चों को पौष्टिक भोजन मिलना चाहिए। उन्होंने स्कूलों में चल रहे स्वच्छता अभियान को केवल एक दिन तक सीमित न रखकर इसे दैनिक दिनचर्या का हिस्सा बनाने की बात कही। स्कूलों में अनुशासन बनाए रखने और शिक्षकों की समयबद्धता सुनिश्चित करने के लिए भी बीईओ ने कड़े निर्देश दिए। उनका उद्देश्य खंड खोल के सरकारी स्कूलों को निजी स्कूलों के समकक्ष खड़ा करना और विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास के लिए एक बेहतर वातावरण तैयार करना है।

