संजय कुमार तिवारी, बलिया. बैरिया तहसील क्षेत्र के गोपालनगर टांडी गांव में घाघरा नदी के कटान के चलते कटान पीड़ित अपने हाथों से बनाए अपने हो आशियाने को उजाड़ कर बांधने के लिए मजबूर हो गए हैं. पीड़ितों ने मजदूरी कर एक एक रुपया इक्कट्ठा करके अपना आशियाना बनाया होगा, लेकिन घाघरा नदी ने ऐसी तबाही मचाई है कि लोग कटान पीड़ित गांव को छोड़कर पलायन करने लगे हैं.

पीड़ित ट्रैक्टर लगाकर अपने ही घरों को तोड़ रहे हैं. तस्वीरों में देखा जा सकता है कि घर का सारा सामान बाहर बिखरा पड़ा है. बारिश के चलते सारे सामान भी खराब हो रहे हैं. वहीं कटान पीड़ितों का आरोप है कि ग्राम प्रधान से लेकर विधायक और अधिकारी तक सबको समस्या से अवगत कराया गया है. लेकिन अब तक कोई कार्रवाई नहीं की गई है. रात के समय काफी डर का माहौल रहता है. नदी घर के सामने आ गई है जिसके चलते बच्चो की पढ़ाई बाधित हो रही है. एक विद्यालय भी था वह भी नदी में विलीन हो गया.
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कटान पीड़ित रौशन यादव ने बताया कि सरकार की गलत मानसिकता है यहां कोई काम नहीं हो रहा है. घाघरा नदी कटान कर रही है इसलिए हम लोग अपना आशियाना उजाड़ रहे हैं. यहां पर कोई अधिकारी नहीं आ रहा हैं. वो क्या जाने कटान पीड़ितों का हाल. लगभग तीस से चालीस घर नदी में विलीन हो गए हैं और लगभग पचास घर के करीब अभी कटान के मुहाने पर हैं.


