कुमार उत्तम/मुजफ्फरपुर। जिले के गायघाट थाना अंतर्गत चोरनियां गांव में अजय राय की कथित पुलिस हिरासत में हत्या के मामले ने तूल पकड़ लिया है। इस गंभीर विषय को लेकर बिहार प्रदेश राष्ट्रीय जनता दल (राजद) का एक उच्चस्तरीय प्रतिनिधिमंडल प्रदेश अध्यक्ष मंगनी लाल मंडल के नेतृत्व में बिहार के पुलिस महानिदेशक (DGP) विनय कुमार से मिला। प्रतिनिधिमंडल ने पीड़ित परिवार के लिए न्याय और आरोपी थानेदार के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की।

​प्रतिनिधिमंडल में शामिल दिग्गज नेता

​इस छह सदस्यीय दल में राजद के कद्दावर नेता शामिल थे, जिनमें राष्ट्रीय उपाध्यक्ष उदय नारायण चौधरी, राष्ट्रीय महासचिव अलख निरंजन उर्फ बीनू यादव, प्रदेश उपाध्यक्ष डॉ. तनवीर हसन, प्रदेश प्रधान महासचिव रणविजय साहू, गायघाट के पूर्व विधायक निरंजन राय, मुजफ्फरपुर जिलाध्यक्ष रमेश गुप्ता और प्रदेश प्रवक्ता मो. एजाज अहमद मौजूद रहे।

​तेजस्वी यादव का हस्तक्षेप और पत्राचार

​प्रतिनिधिमंडल ने डीजीपी को अवगत कराया कि नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी प्रसाद यादव ने 25 मार्च, 2026 को स्वयं घटनास्थल का दौरा किया था। दौरे के दौरान उन्हें प्राप्त तथ्यों और साक्ष्यों के आधार पर उन्होंने जो पत्राचार महानिदेशक के साथ किया था, उसकी प्रति भी डीजीपी को सौंपी गई। नेताओं ने जोर देकर कहा कि सत्ता की धौंस में एक निर्दोष की जान लेना अक्षम्य है।

​डीजीपी की कार्रवाई: शस्त्र जांच और हत्या का मुकदमा

​डीजीपी विनय कुमार ने प्रतिनिधिमंडल को आश्वस्त किया कि विभाग इस मामले को लेकर बेहद गंभीर है। उन्होंने पुष्टि की कि एफएसएल (FSL) की टीम ने आरोपी थानेदार के शस्त्र की जांच पूरी कर ली है और उन पर हत्या का मामला दर्ज किया जा चुका है। डीजीपी ने स्पष्ट किया कि जांच रिपोर्ट और अन्य वैज्ञानिक साक्ष्यों का इंतजार है। उन्होंने भरोसा दिलाया कि अनुसंधान पारदर्शी होगा और किसी भी दोषी को बख्शा नहीं जाएगा। पीड़ित परिवार को न्याय दिलाना पुलिस प्रशासन की प्राथमिकता है।