मुजफ्फरपुर। बिहार की राजनीति में इन दिनों सरकारी आवास खाली करने के नोटिस को लेकर जुबानी जंग तेज हो गई है। मुजफ्फरपुर में मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी द्वारा दिए गए एक बयान ने राजनीतिक गलियारों में हलचल पैदा कर दी है, जिस पर पलटवार करते हुए राष्ट्रीय जनता दल (RJD) के MLC कारी सोहेब ने मुख्यमंत्री पर गंभीर आरोप लगाए हैं।
सीएम आवास से अपराधियों को संरक्षण का आरोप
कारी सोहेब ने सीधे तौर पर मुख्यमंत्री पर निशाना साधते हुए कहा कि बिहार में अपराध का ग्राफ तेजी से बढ़ा है और सरकार केवल खानापूर्ति कर रही है। सोहेब ने आरोप लगाया कि राज्य के अपराधियों को सीधे सीएम हाउस से संरक्षण मिल रहा है। उन्होंने मुख्यमंत्री की भाषा शैली को आपराधिक बताते हुए इसे बीजेपी और आरएसएस की ट्रेनिंग का परिणाम करार दिया।
लालू पाठशाला का प्रोडक्ट
प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान कारी सोहेब ने सम्राट चौधरी को लालू पाठशाला का प्रोडक्ट कहकर संबोधित किया। उन्होंने मुख्यमंत्री को उनके पुराने दिनों की याद दिलाते हुए कहा, सम्राट चौधरी आप भूलें नहीं कि आप उसी 10 नंबर (लालू-राबड़ी आवास) के प्रोडक्ट हैं जिसे लालू प्रसाद यादव का आशीर्वाद प्राप्त था। सोहेब ने आगे कहा कि शकुनी चौधरी के कई बेटों के बावजूद लालू यादव ने ही सम्राट को राजनीति में आगे बढ़ाया और आज बिहार में उनकी जो पहचान है वह केवल लालू यादव की देन है।
हरे रंग और राष्ट्रवाद पर तकरार
भाजपा की नीतियों पर कटाक्ष करते हुए सोहेब ने कहा कि आरएसएस और भाजपा को हरे रंग से नफरत है, जबकि यही रंग किसानों का प्रतीक है। उन्होंने मुख्यमंत्री पर तंज कसते हुए कहा कि जो हरी सब्जियां आप खाते हैं वे भी इन्हीं किसानों की मेहनत का नतीजा हैं। इसके अतिरिक्त उन्होंने भाजपा पर दलितों के प्रति केवल दिखावटी सहानुभूति रखने का आरोप लगाया और कहा कि आजादी के वर्षों बाद तक आरएसएस ने तिरंगे का सम्मान नहीं किया था आज वे केवल जनता के दबाव में राष्ट्रवाद का ढोंग कर रहे हैं।
विवाद की जड़: सम्राट चौधरी का बयान
दरअसल यह विवाद मुजफ्फरपुर में आयोजित एक सहयोग शिविर से शुरू हुआ था। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने बिना नाम लिए कहा था कि कुछ लोगों को लगता है कि सरकारी भवन उनकी बपौती है। यह जनता की सरकार है और कान खोलकर सुन लें कि जनता ही मालिक है। यह बयान राबड़ी देवी के उस दावे के बाद आया जिसमें उन्होंने कहा था कि वे किसी भी कीमत पर सरकारी आवास खाली नहीं करेंगी। आरजेडी ने इस बयान को सीधे तौर पर लालू परिवार पर हमला मानते हुए कड़ी आपत्ति दर्ज कराई है।

