सीवान। ​बिहार की सियासत एक बार फिर सुलग उठी है। सीवान में छात्रों पर पुलिस द्वारा कथित तौर पर एके-47 से गोलियां चलाने और बिगड़ती कानून-व्यवस्था के खिलाफ राष्ट्रीय जनता दल (राजद) ने आक्रामक रुख अपना लिया है। पार्टी ने आगामी 19 अगस्त को पटना में एक बड़े ‘राजभवन मार्च’ का ऐलान किया है, जिसकी अगुवाई पार्टी के राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष तेजस्वी प्रसाद यादव खुद करेंगे। इस विरोध प्रदर्शन की सबसे बड़ी खासियत यह होगी कि इसमें राजद कार्यकर्ता अपने पारंपरिक पार्टी झंडों के बजाय हाथों में सिर्फ राष्ट्रीय तिरंगा लेकर सड़कों पर उतरेंगे।

​भंग कमेटियों के सहारे शक्ति प्रदर्शन की रणनीति

​दिलचस्प बात यह है कि वर्तमान में राजद की सभी स्तर की प्रदेश कमेटियां पूरी तरह से भंग चल रही हैं और किसी भी जिले में कोई नेता आधिकारिक पद पर नहीं है। इसके बावजूद पार्टी ने इस बड़े आंदोलन की तैयारी शुरू कर दी है। इसी कड़ी में गुरुवार को प्रदेश अध्यक्ष मंगनी लाल मंडल ने भंग हो चुकी कमेटियों के तमाम पूर्व पदाधिकारियों के नाम एक महत्वपूर्ण चार पन्नों की आधिकारिक चिट्ठी जारी की है।
​इस निर्देश के तहत पार्टी के सभी सांसदों, विधायकों, पूर्व विधायकों, पदाधिकारियों और जमीनी कार्यकर्ताओं को 19 अगस्त की सुबह 10:00 बजे तक पटना स्थित प्रदेश राजद कार्यालय पहुंचने का सख्त आदेश दिया गया है। पार्टी नेतृत्व ने स्पष्ट किया है कि इस आंदोलन में शामिल होने वाले सभी साथियों की उपस्थिति का बारीकी से आकलन किया जाएगा। इसके साथ ही, उनके ठहरने और भोजन की पुख्ता व्यवस्था करने की जिम्मेदारी भी पार्टी ने अपने कंधों पर ली है।

​किन मुख्य मुद्दों को लेकर सड़कों पर उतर रहा है राजद?

​राजद का यह आगामी मार्च मुख्य रूप से तीन गंभीर मुद्दों पर केंद्रित रहने वाला है:

  • ​सीवान फायरिंग कांड: सीवान में प्रदर्शन कर रहे निहत्थे छात्रों पर पुलिस द्वारा एके-47 जैसे घातक हथियारों से गोलियां चलाने की घटना, जिसमें कई छात्र गंभीर रूप से घायल हुए हैं।
  • ​बिगड़ती कानून-व्यवस्था: बिहार भर में पुलिस के बेलगाम होने के आरोप और राज्य में लगातार बढ़ रही आपराधिक घटनाएं।
  • ​नीट पेपर लीक मामला: इस संवेदनशील मुद्दे पर सरकार की कार्यप्रणाली और छात्रों के भविष्य के साथ खिलवाड़ का विरोध।

​पार्टी का साफ तौर पर कहना है कि वह इस पूरे मामले की निष्पक्ष न्यायिक जांच चाहती है और मासूमों पर गोलियां चलाने वाले दोषी पुलिस अधिकारियों पर तत्काल कड़ी कानूनी कार्रवाई होनी चाहिए।

​तेजस्वी यादव के गंभीर और तीखे आरोप

​राजद के राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष तेजस्वी यादव ने सरकार पर हमला बोलते हुए राज्य की कानून-व्यवस्था को पूरी तरह से चौपट करार दिया है। उन्होंने सीवान की घटना का जिक्र करते हुए कहा कि निहत्थे छात्रों पर एके-47 से गोलियां बरसाने के इस खौफनाक वाकए में बुलेट कुमार गोंद, आकाश कुमार यादव और मो. आरिफ नामक तीन छात्र बहुत गंभीर रूप से घायल हुए हैं। तेजस्वी ने सवाल उठाया कि आखिर किस उच्च स्तर के अधिकारी के आदेश पर छात्रों पर इस तरह की गोलीबारी की गई, यह बात सरकार को स्पष्ट करनी चाहिए।
​सरकार के दमनकारी रवैये की पोल खोलते हुए उन्होंने आगे आरोप लगाया कि बिहार बंद के दौरान शांतिपूर्ण विरोध प्रदर्शन कर रहे राजद विधायक गौतम कृष्ण को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया। इसके अलावा, पुलिस प्रशासन ने लगभग 200 नामजद और 2200 अज्ञात युवाओं के खिलाफ झूठी और मनगढ़ंत प्राथमिकी दर्ज कर दी है। उन्होंने यह भी बताया कि पटना में विरोध प्रदर्शन के दौरान करीब 300 महिलाओं और नाबालिगों को भी पुलिस ने हिरासत में लिया था, जो सरकार की तानाशाही को साफ दर्शाता है।