कुंदन कुमार, पटना। बिहार की मुख्य विपक्षी पार्टी राष्ट्रीय जनता दल (राजद) इन दिनों अपने संगठन को मजबूत करने और आगामी रणनीतियों पर विचार-विमर्श करने के लिए लगातार जिलावार बैठकें कर रहा है। इसी बीच, जनता दल यूनाइटेड (जदयू) के नेता श्याम रजक ने नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव और राजद की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े किए हैं। श्याम रजक के इन बयानों से राज्य का राजनीतिक पारा एक बार फिर चढ़ गया है।

​तेजस्वी यादव की कार्यशैली और विदेश दौरों पर तंज

​श्याम रजक ने तेजस्वी यादव पर निशाना साधते हुए कहा कि वे अमूमन विदेश यात्राओं में व्यस्त रहते हैं और केवल एक महीने का समय निकालकर बिहार आए हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि एक महीने में औपचारिकताएं पूरी करने के बाद तेजस्वी दोबारा विदेश चले जाएंगे। लालू प्रसाद यादव के अकेले दम पर सत्ता संभालने का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि आज पार्टी और परिवार दोनों का हाल सबके सामने है। रजक ने तंज कसते हुए कहा कि राजद का सीटों के मामले में सिमटकर 25 पर आ जाना इन बैठकों और उनकी असफल कार्यशैली का सीधा परिणाम है।

​’बिहार में युवाओं की पसंद और संस्कारों पर सवाल’

​तेजस्वी यादव द्वारा युवाओं की नई टीम तैयार करने और इससे एनडीए को संभावित नुकसान के दावे को श्याम रजक ने सिरे से खारिज कर दिया। उन्होंने दो टूक शब्दों में कहा कि तेजस्वी जैसे नेताओं और उनकी शैली को बिहार की जनता पसंद नहीं करती है। जदयू नेता ने अपनी पार्टी का पक्ष रखते हुए कहा कि वे हमेशा से नशामुक्ति, सामाजिक संस्कारों और राष्ट्रभक्ति के पक्षधर रहे हैं। यदि तेजस्वी यादव इन बुनियादी मुद्दों पर खरे उतरते, तो उनके युवाओं को आगे बढ़ाने के प्रयासों पर विचार किया जा सकता था, लेकिन धरातल पर ऐसा कुछ भी नजर नहीं आता।

​राजद का नया सांगठनिक ढांचा और ‘माय’ समीकरण

​एक तरफ जहां विरोधी दल लगातार हमले बोल रहे हैं, वहीं राजद अपनी कमियों को दूर करने के लिए बड़े संगठनात्मक बदलाव की तैयारी में जुटा है। पार्टी ने निर्णय लिया है कि जिला अध्यक्ष पद के लिए उम्मीदवार की आयु 55 वर्ष से कम होनी चाहिए और इस पद पर चुना गया व्यक्ति कोई प्रत्यक्ष चुनाव नहीं लड़ेगा। कार्यकारी राष्ट्रीय अध्यक्ष तेजस्वी यादव की अध्यक्षता में 27 सितंबर तक चलने वाली इन बैठकों में हर जिले से चार नाम मांगे गए हैं। बांकीपुर चुनाव के दौरान पारंपरिक ‘माय’ (मुस्लिम-यादव) समीकरण में आए बिखराव को रोकने के साथ-साथ अन्य जातियों को जोड़ने पर भी विशेष मंथन किया जा रहा है।

फरक्का जलसंधि और ‘नीतीश संवाद’ की शुरुआत

​राजनीतिक सरगर्मी के बीच जदयू ने जल संकट के मुद्दे पर मोर्चा संभाल लिया है। श्याम रजक ने जानकारी दी कि 5 सितंबर से ‘नीतीश संवाद’ की शुरुआत की जाएगी, जिसमें मुख्य रूप से फरक्का बैराज से बिहार को होने वाली समस्याओं और जल संकट पर चर्चा होगी। उन्होंने स्पष्ट किया कि नई जलसंधि में बिहार के हितों की अनदेखी नहीं होनी चाहिए। साथ ही, उन्होंने राजद और लालू प्रसाद यादव पर इस गंभीर मुद्दे पर केवल झूठा श्रेय लेने की राजनीति करने का कड़ा आरोप लगाया।