लातेहार। झारखंड के लातेहार जिले में सड़क पर बनी एक ठोकर ने एक बार फिर हादसे को जन्म दे दिया। चंदवा थाना क्षेत्र के एनएच-75 रांची-मेदिनीनगर मुख्य मार्ग पर शिवा टोली के समीप सोमवार को तेज रफ्तार ऑटो ठोकर पर अनियंत्रित होकर दुर्घटनाग्रस्त हो गया। हादसे में ऑटो चालक की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि करीब आधा दर्जन यात्री घायल हो गए।हादसे के बाद मौके पर चीख-पुकार मच गई। आसपास के लोग घटनास्थल पर पहुंचे और घायलों की मदद में जुट गए।

अचानक सामने आई ठोकर, बिगड़ा ऑटो का संतुलन

स्थानीय लोगों के मुताबिक, एनएच-75 पर कई जगह ठोकर और ब्रेकर बनाए गए हैं। आरोप है कि कई स्थानों पर वाहन चालकों को दूर से सावधान करने के लिए पर्याप्त संकेतक नहीं लगाए गए हैं।

ब्रेकर पर न तो स्पष्ट सफेद पट्टियां दिखाई देती हैं और न ही कई जगह रिफ्लेक्टिव मार्किंग मौजूद है। दिन के समय चालक किसी तरह इन्हें देख लेते हैं, लेकिन रात में अचानक सामने आने वाली ठोकर वाहन का संतुलन बिगाड़ सकती है।

सड़क सुरक्षा व्यवस्था पर उठे सवाल

सोमवार के हादसे के बाद सड़क सुरक्षा व्यवस्था को लेकर सवाल खड़े हो गए हैं। लोगों का कहना है कि सड़क पर ब्रेकर बनाने के साथ उसकी स्पष्ट पहचान के लिए चेतावनी संकेत, सफेद पट्टियां और रिफ्लेक्टिव मार्किंग भी जरूरी है।

स्थानीय लोगों ने प्रशासन से एनएच-75 समेत जिले की प्रमुख सड़कों पर बने ब्रेकरों की जांच कराने की मांग की है। लोगों का कहना है कि जो ब्रेकर जरूरी नहीं हैं, उन्हें हटाया जाए और आवश्यक स्थानों पर स्पष्ट संकेतक लगाए जाएं।

लोगों ने प्रशासन से की कार्रवाई की मांग

स्थानीय लोगों के मुताबिक, सड़क पर बनी ठोकर वाहन की रफ्तार कम करने के लिए होती है, लेकिन यदि वह दूर से दिखाई ही न दे तो हादसे का कारण बन सकती है। लोगों ने सड़क सुरक्षा मानकों के पालन के साथ लापरवाही बरतने वालों पर कार्रवाई की मांग की है।सोमवार का हादसा एक परिवार के लिए जिंदगी भर का दर्द छोड़ गया, वहीं कई अन्य परिवारों को भी घायलों के इलाज की चिंता में डाल गया।