कुंदन कुमार, पटना। बिहार एमएलसी चुनाव के लिए राजद ने सुनील सिंह को एक बार फिर से अपना उम्मीदवार बनाया है, जिन्होंने आज नामांकन के आखिरी दिन विधानमंडल पहुंचकर अपना पर्चा भी दाखिल कर दिया है। सुनील सिंह को फिर से एमएलसी पद के लिए उम्मीदवार बनाए जाने पर लालू यादव की बेटी रोहिणी आचार्य ने तीखा हमला बोला है।
निष्ठावान कार्यकर्ताओं का टोंटा पड़ गया क्या?
रोहिणी आचार्य ने सुनील सिंह पर निशाना साधते हुए सोशल मीडिया एक्स पर लिखा- गुटबाजी-भीतरघात-विश्वासघात, मक्कारी जिसकी फितरत, विरोधियों से जिसकी मिलीभगत, नजदीकियों की बात बता कर उगाही-वसूली करना जिसका धंधा, जो अपनी झूठी धौंस जताने के लिए पार्टी कार्यालय में पार्टी के कार्यकर्ताओं-पदाधिकारियों को सामने बिठा कर बहन-बेटियों के बारे में ओछी-अमर्यादित बातें है करता, उसको कैसे “उसके” ही द्वारा उम्मीदवार बना दिया गया, जिसे सामाजिक न्याय की लड़ाई को आगे ले जाने, पार्टी की बेहतरी की जिम्मेदारी लालू जी ने सौंपी? समर्पित-निष्ठावान कार्यकर्ताओं-नेताओं का टोंटा पड़ गया क्या?
ऐसे लोगों की वजह से कार्यकर्ताओं में अंसतोष
रोहिणी ने आगे लिखा कि, ऐसे ही लोगों की वजह से वर्षों से मजबूती के साथ खड़े कार्यकर्ताओं-समर्थकों में विक्षोभ-असंतोष भी है और ऐसे ही लोगों की वजह से हुआ नुकसान भी दिख ही चुका है, बीते वर्ष के नवंबर के महीने में… पार्टी की स्थापना के समय से लेकर आज तक पार्टी के साथ मजबूती से खड़े एक नहीं अनेकों समर्पित, सम्मानित, जमीन से जुड़े कट्टर लालूवादी अल्पसंख्यक चेहरे हैं , यादव , दलित , पिछड़े व् वंचित समाज से आने वाले वरिष्ठ व् युवा लोग हैं, ऐसे लोगों की अनदेखी गंभीर चिंता का विषय है और पार्टी हित में तो कतई नहीं है।
रोहिणी के चुनाव लड़ने की थी चर्चा
बता दें कि यह कोई पहला मौका नहीं है, जब रोहिणी आचार्य ने पार्टी के नेतृत्व और फैसले पर अपना विरोध जताया हो। 2025 विधानसभा चुनाव में मिली हार और राबड़ी आवास में उनके साथ कथित तौर पर हुए दुर्व्यवहार के बाद से वह लगातार पार्टी के खिलाफ हमलावर हैं। हालही में ही लालू यादव उनके घर सिंगारपुर पहुंचे थे, जहां अपना किडनी से संबंधित चेकअप और इलाज कराने के बाद वह बीते दिनों दिल्ली लौटे हैं। ऐसे में एक बार फिर से रोहिणी का पार्टी के खिलाफ इस तरह से मुखर होकर बोलना और सवाल उठाना काफी कुछ कह रहा है।
इससे पहले यह खबरें सामने आई थीं की लालू यादव रोहिणी को मनाने के लिए ही सिंगापुर गए हैं और वह एमएलसी चुनाव लड़ सकती हैं। हालांकि बाद में रोहिणी ने सोशल मीडिया पोस्ट के माध्यम से खुद ही इन खबरों का खंडन कर दिया था।
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