रोहतक। शहर के डी-पार्क मार्केट में मंगलवार दोपहर लगी भीषण आग ने पूरे शहर को झकझोर कर रख दिया। आग की चपेट में करीब 10 दुकानें आ गईं। देर शाम आग पर काबू पाने के बाद एनडीआरएफ (राष्ट्रीय आपदा मोचन बल) की टीम ने दुकानों के अंदर सर्च अभियान चलाया, जिसमें एक शव बरामद हुआ।

मृतक की पहचान 50 वर्षीय कपिल के रूप में हुई है, जो रोहतक शूज शोरूम में काम करता था। बताया जा रहा है कि आग की शुरुआत इसी शोरूम से हुई थी, जहां एसी का कंप्रेसर फटने के बाद लपटें तेजी से फैल गईं। फिलहाल 3 अन्य लोगों के लापता होने की आशंका जताई जा रही है।

प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, आग लगने की सूचना के बाद शुरुआती समय में केवल एक फायर ब्रिगेड गाड़ी ही मौके पर पहुंची, जबकि अतिरिक्त गाड़ियों के पहुंचने में देरी हुई। लोगों का आरोप है कि इसी वजह से आग आसपास की दुकानों तक फैल गई और भारी नुकसान हुआ। बाद में पांच जिलों से करीब 20 दमकल गाड़ियां मौके पर पहुंचीं, लेकिन तब तक कई दुकानें जलकर खाक हो चुकी थीं। घटना के बाद दुकानदारों और उनके परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल दिखा।

घटना के बाद कांग्रेस सांसद दीपेंद्र सिंह हुड्डा मौके पर पहुंचे और पीड़ित दुकानदारों से मुलाकात कर उन्हें ढांढस बंधाया। इस दौरान एक दुकानदार दीपेंद्र हुड्डा के गले लगकर फूट-फूटकर रो पड़ा और अपने बेटे के अंदर फंसे होने की बात कहता रहा। सांसद ने मौके पर डीसी और एसपी रोहतक को बुलाकर राहत एवं बचाव कार्यों की समीक्षा की और जरूरी दिशा-निर्देश दिए।

दीपेंद्र हुड्डा ने हादसे को बेहद दुखद बताते हुए सरकार से मृतकों के परिजनों को सरकारी नौकरी और उचित मुआवजा देने की मांग की। साथ ही उन्होंने आग से क्षतिग्रस्त दुकानों, इमारतों और सामान का शत-प्रतिशत मुआवजा देने की मांग उठाई।

उन्होंने फायर ब्रिगेड के देर से पहुंचने के मामले की जांच की भी जरूरत बताई। खास बात यह है कि यह भीषण हादसा पूर्व मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा की कोठी से करीब 50 मीटर दूरी पर हुआ, जिसके बाद आसपास के इलाके को खाली करा लिया गया।