अविनाश श्रीवास्तव, रोहतास। जिले में अहमदाबाद के एक युवक को नौकरी के नाम पर बंधक बनाने और उसके परिजनों से धन उगाही करने का गंभीर मामला सामने आाय है। मिली जानकारी के अनुसार सासाराम में नेटवर्क मार्केटिंग के नाम पर गुजरात के अहमदाबाद के एक युवक को झांसा में लेकर उसे पहले सासाराम बुलाया गया और फिर उसे मुफस्सिल थाना क्षेत्र के बेदा गांव में एक मकान में 10 दिनों तक बंधक बनाकर रखा गया तथा उसके परिजनों से लगातार पैसे की उगाही की गई।
एक गिरफ्तार, महिला समेत 2 अन्य फरार
गुजरात पुलिस ने जब इस मामले को लेकर रोहतास पुलिस से संपर्क किया, तब जाकर यह घटना सामने आई। जिले की मुफस्सिल थाना पुलिस ने बेदा गांव के एक मकान में छापामारी कर अहमदाबाद निवासी अगोड़ा मुकेश भाई को मुक्त कराया। इसके साथ ही पुलिस ने इस मामले में मोहम्मद इरफान नामक एक व्यक्ति को गिरफ्तार किया है, जो सहरसा जिले का रहने वाला है। वही इस मामले में एक महिला सहित दो अन्य लोगों की भी संलिप्त होने की बात सामने आई है, जो फिलहाल फरार बताए जा रहे हैं।
मोटा पैसा कमाने का लालच देकर बनाते थे शिकार
घटना के संबंध में सासाराम के एसडीपीओ-2 संजीव कुमार ने जानकारी देते हुए बताया कि गैवेल नेटवर्क मार्केटिंग नामक कंपनी के नाम पर नेटवर्क मार्केट में नौकरी देने के झांसा देकर गुजरात से अगोड़ा मुकेश भाई को सासाराम बुलाया गया। एक महिला कर्मी के माध्यम से लगातार अगोड़ा मुकेश भाई को फोन कॉल किया गया एवं उसे 50 हजार से 60 हजार रुपए प्रति महीना कमाने का झांसा देकर सासाराम बुलाया गया।
अहमदाबाद पुलिस ने रोहतास पुलिस से किया संपर्क
उन्होंने बताया कि अगोड़ा मुकेश बाई के सासाराम रेलवे स्टेशन पहुंचने पर उन्हें एक लड़की ने रिसीव किया और बेदा स्थित एक मकान में रख दिया। बाद में उसे बंधक बनाकर उससे पैसे की वसूली की जाने लगी। इतना ही नहीं, बंधक बनाए गए व्यक्ति के परिजनों उसके माता-पिता को फोन कर भी पैसे मंगवाए गए। लेकिन इसकी शिकायत जब गुजरात के अहमदाबाद पुलिस थाना में की गई तो, वहां की पुलिस ने बिहार पुलिस से संपर्क किया। इसके बाद इस मामले का खुलासा हुआ है।
नेटवर्क कंपनी के नाम पर चल रहा था खेल
बता दें कि नेटवर्क कंपनी के नाम पर कम समय में अधिक पैसा कमाने का लालच देकर लड़कियों के माध्यम से भोले भाले लोगों को फंसाया जा रहा है तथा उन्हें बंधक बनाकर उनसे और उनके परिजनों से पैसे की उगाही की जा रही है। इस घटना का खुलासा होते ही इलाके को लोगों में भय का माहौल कायम हो गया। यह छापेमारी सासाराम के एसडीपीओ-2 संजीव कुमार के नेतृत्व में की गई।
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