प्रयागराज. शनिवार शाम कांग्रेस नेता और लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने ‘छात्रों की गूंज’ कार्यक्रम में युवाओं से सीधा संवाद किया. करीब 20 मिनट के संबोधन में राहुल गांधी ने बेरोजगारी, प्रतियोगी परीक्षाओं, पेपर लीक, युवाओं के डेटा और सोशल मीडिया की बढ़ती लत जैसे मुद्दों पर अपनी बात रखी. कार्यक्रम में उनकी बहन प्रियंका गांधी की बेटी मिराया भी मौजूद रहीं. मंच पर पहुंचते ही राहुल गांधी ने छात्रों का हालचाल जाना और उनसे बातचीत शुरू की. उन्होंने कहा कि देश के युवा भारत की सबसे बड़ी ताकत हैं. राहुल गांधी ने कहा कि देश में करीब 40 करोड़ युवा हैं. चीन की ताकत की चर्चा होती है, लेकिन भारत के युवाओं के सामने उसकी ताकत कुछ भी नहीं है.
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राहुल गांधी ने युवाओं को सोशल मीडिया की लत से सावधान करते हुए कहा कि उन्हें लगातार रील देखने और बनाने के लिए प्रेरित किया जा रहा है. उन्होंने कहा, “आपसे कहा जाता है कि जितनी रील देखनी है और जितनी रील बनाना चाहते हो, बनाओ. यह 21वीं सदी का नशा है.” युवा पढ़ाई कर रहे हैं. कोई बीए कर रहा है तो कोई एलएलबी. पढ़ाई के पीछे बड़ी उम्मीद होती है कि डिग्री हासिल करने के बाद सरकारी नौकरी मिलेगी, लेकिन रोजगार की स्थिति बेहद चुनौतीपूर्ण है. राहुल गांधी ने दावा किया कि देश में 1000 युवाओं में सिर्फ 12 को ही स्थायी नौकरी मिलती है.
उन्होंने आरोप लगाया कि युवाओं और परिवारों से बड़ी रकम शिक्षा के नाम पर ली जाती है. परिवार लाखों-करोड़ों रुपये खर्च करके बीए-एमए जैसी डिग्रियां हासिल कराते हैं, लेकिन डिग्री रोजगार की गारंटी नहीं देती. राहुल गांधी ने युवाओं के डेटा को लेकर भी सवाल उठाए. उन्होंने आरोप लगाया कि कुछ लोग युवाओं का डेटा लेकर बड़ी-बड़ी कंपनियों को दे देते हैं. उन्होंने कहा कि देश की युवा आबादी ही भारत की सबसे बड़ी पूंजी है और युवाओं के भविष्य से जुड़े मुद्दों को गंभीरता से उठाया जाना चाहिए.
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छात्र की मौत का भी दावा
कार्यक्रम के दौरान राहुल गांधी ने बिहार की एक छात्रा से भी बातचीत की. छात्रा ने बिहार में छात्रों के प्रदर्शनों के दौरान पुलिस कार्रवाई का आरोप लगाते हुए कहा कि पटना में प्रदर्शनकारियों पर पुलिस ने लाठीचार्ज किया. उसने दावा किया कि 23 जुलाई को एक और प्रदर्शन की तैयारी थी, लेकिन उससे पहले ही पुलिस और आरएएफ की तैनाती कर दी गई. छात्रा ने सिवान में पुलिस द्वारा एके-47 चलाए जाने और एक छात्र की मौत का भी दावा किया. उसने कहा कि आंदोलन कर रहे छात्रों में डर का माहौल था और कई छात्रों को लाइब्रेरी से भी पुलिस द्वारा उठाए जाने की बात सामने आई.
हम छात्र हैं या आंदोलनजीवी?
एक छात्र ने मंच पर आकर राहुल गांधी को अपना अनुभव बताया. उसने आरोप लगाया कि 22 जुलाई को पटना में प्रदर्शन के दौरान छात्रों पर पुलिस ने लाठीचार्ज किया. छात्र के मुताबिक पुलिसकर्मियों ने सिर और पैर पर लाठियां बरसाईं और आंसू गैस के गोले छोड़े. छात्र ने आरोप लगाया कि घायल होने के बाद एंबुलेंस तक नहीं आने दी गई, जिसके बाद उसे स्कूटी से अस्पताल ले जाना पड़ा. उसने बताया कि बाद में उसे करीब 15 घंटे थाने में बैठाया गया. छात्र ने कहा कि युवाओं को पहले नौकरी के लिए आंदोलन करना पड़ता है, फिर पेपर के लिए, उसके बाद रिजल्ट के लिए. उसने सवाल उठाते हुए कहा, “हम छात्र हैं या आंदोलनजीवी हैं?” इसके बाद उसने कहा, “हम बिहारी हैं, सत्ता पलट भी सकते हैं.”


