महिला आरक्षण विधेयक को जल्द लागू करने की मांग को लेकर शिरोमणि अकाली दल (SAD) के रुख का केंद्रीय मंत्री किरेन रिजिजू ने स्वागत किया है। रिजिजू ने कहा कि महिलाओं को राजनीतिक व्यवस्था में समान प्रतिनिधित्व देने के लिए सभी राजनीतिक दलों को मिलकर काम करना चाहिए। उन्होंने महिला आरक्षण के साथ निष्पक्ष और समान परिसीमन की जरूरत पर भी जोर दिया।
किरेन रिजिजू ने SAD के फैसले का किया स्वागत
रिजिजू ने शनिवार को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर कहा कि वह SAD के इस महत्वपूर्ण फैसले का दिल से स्वागत करते हैं। उन्होंने कहा कि महिलाओं को सशक्त बनाने के लिए राजनीतिक दलों को एकजुट होकर काम करना होगा। रिजिजू इन दिनों महिला आरक्षण और परिसीमन से जुड़े मुद्दों पर विभिन्न दलों का समर्थन जुटाने की कोशिश कर रहे हैं और इस संबंध में कांग्रेस नेता राहुल गांधी से भी बातचीत कर चुके हैं।
सुखबीर बादल ने की महिला आरक्षण तत्काल लागू करने की मांग
SAD प्रमुख सुखबीर सिंह बादल ने चंडीगढ़ में पार्टी के वरिष्ठ नेताओं की बैठक के बाद महिला आरक्षण विधेयक को तत्काल लागू करने की मांग की। उन्होंने कहा कि महिलाओं की समानता और सम्मान को लेकर पार्टी की विचारधारा सिख गुरुओं की शिक्षाओं से प्रेरित है। बादल ने यह भी कहा कि शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी (SGPC) पहले ही अपने सदन में महिलाओं के लिए आरक्षण का प्रावधान कर मिसाल कायम कर चुकी है।
परिसीमन पर SAD ने रखा 50% सीट बढ़ाने का फॉर्मूला
SAD ने प्रस्तावित परिसीमन को लेकर भी स्पष्ट रुख अपनाया है। पार्टी का कहना है कि परिसीमन ऐसा होना चाहिए जिससे किसी भी राज्य के हित प्रभावित न हों। SAD ने सभी राज्यों की लोकसभा सीटों में समान रूप से 50 प्रतिशत बढ़ोतरी के प्रस्ताव का समर्थन किया है। पार्टी के मुताबिक, नई व्यवस्था में किसी भी राज्य को नुकसान नहीं होना चाहिए और सभी राज्यों को समान प्रतिनिधित्व मिलना चाहिए।
क्या है नारी शक्ति वंदन अधिनियम?
नारी शक्ति वंदन अधिनियम, 2023 के तहत लोकसभा और राज्य विधानसभाओं में महिलाओं के लिए एक-तिहाई यानी 33 प्रतिशत सीटें आरक्षित करने का प्रावधान है। कानून को संसद के दोनों सदनों से मंजूरी मिल चुकी है। हालांकि, इसका प्रभावी क्रियान्वयन परिसीमन और जनगणना जैसी प्रक्रियाओं से जुड़ा हुआ है।
Follow the LALLURAM.COM MP channel on WhatsApp
https://whatsapp.com/channel/0029Va6fzuULSmbeNxuA9j0m


