अविनाश श्रीवास्तव, सासाराम। रोहतास जिले के बिक्रमगंज शहर में शुक्रवार की रात एक खूंखार पागल सियार ने अचानक कोहराम मचा दिया। इस भयावह हमले में कुल 15 लोग गंभीर रूप से घायल हो गए, जिनमें से 5 की स्थिति बेहद नाजुक बनी हुई है। घटना के बाद पूरे इलाके में दहशत का माहौल उत्पन्न हो गया।
डुमरांव रोड इलाके में हुआ हमला
यह पूरी घटना बिक्रमगंज थाना क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले डुमरांव रोड इलाके की है। शुक्रवार रात करीब नौ बजे अचानक एक पागल सियार ने राहगीरों और स्थानीय लोगों पर ताबड़तोड़ हमले शुरू कर दिए। देखते ही देखते 15 लोग इस अप्रत्याशित वन्य जीव हमले का शिकार हो गए। अचानक हुए इस हादसे से इलाके में अफरा-तफरी मच गई और लोग अपनी जान बचाने के लिए इधर-उधर भागने लगे।

ग्रामीणों की सूझबूझ से पकड़ा गया सियार
घटना के तुरंत बाद स्थानीय लोगों ने अतीव साहस और सूझबूझ का परिचय देते हुए घायलों को तुरंत बिक्रमगंज स्थित अनुमंडलीय अस्पताल पहुंचाया। इसके साथ ही, उग्र और भयभीत ग्रामीणों ने एकजुट होकर उस पागल सियार को आखिरकार पकड़ लिया और मौके पर ही मार डाला, जिससे भविष्य में किसी बड़े खतरे को टाला जा सके।
एसडीएम ने संभाली कमान
घटना की सूचना मिलते ही अनुमंडल पदाधिकारी (एसडीएम) दिलीप कुमार ने बिना किसी देरी के तुरंत कार्रवाई की। उन्होंने सबसे पहले घटनास्थल का दौरा किया और वहां मौजूद प्रत्यक्षदर्शियों से सियार के हमले की पूरी जानकारी ली। इसके बाद वे सीधे अनुमंडलीय अस्पताल पहुंचे और अस्पताल उपाधीक्षक से घायलों की संख्या तथा उनके स्वास्थ्य की अद्यतन स्थिति जानी।
घायलों को प्राथमिकता से इलाज के निर्देश
एसडीएम ने अस्पताल प्रशासन को सख्त निर्देश दिए कि सियार के हमले में घायल सभी पीड़ित नागरिकों का प्राथमिकता के आधार पर समुचित और उच्च कोटि का उपचार किया जाए। उन्होंने यह भी सुनिश्चित करने को कहा कि सभी मरीजों को आवश्यक जीवन रक्षक दवाएं और हर संभव चिकित्सा सुविधाएं बिना किसी विलंब के मुहैया कराई जाएं। इसके अलावा, एक गंभीर घायल के बेहतर इलाज की स्थिति का जायजा लेने के लिए एसडीएम करुणा अस्पताल भी पहुंचे और वहां के चिकित्सकों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।
प्रशासन की अपील: सतर्क रहें और रात में बचें
इस दर्दनाक घटना के बाद बिक्रमगंज प्रशासन ने पूरे क्षेत्र में हाई अलर्ट और सतर्कता बढ़ा दी है। प्रशासन की विशेष टीमें लगातार इलाके की निगरानी कर रही हैं। एसडीएम ने स्थानीय लोगों से अपील की है कि वे रात के समय सुनसान रास्तों पर जाने से बचें। साथ ही, किसी भी आक्रामक जंगली जानवर के दिखने पर उससे सुरक्षित दूरी बनाएं और तुरंत स्थानीय प्रशासनिक अधिकारियों या पुलिस को इसकी सूचना दें, ताकि समय रहते उचित कदम उठाए जा सकें।



