पटना। राष्ट्रीय जनता दल (RJD) प्रमुख लालू प्रसाद यादव की पुत्री और राजनीतिक रूप से मुखर रोहिणी आचार्य ने सोशल मीडिया के माध्यम से बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की मानसिक स्थिति और सार्वजनिक आचरण पर फिर से तीखा और गंभीर सवाल खड़ा किया है। उनके इस बयान ने राज्य की राजनीति में एक नया भूचाल ला दिया है।

​हर वक्त एक ‘ब्रेक’ की जरूरत पर तंज

​रोहिणी आचार्य ने सोशल मीडिया पर तीखी टिप्पणी करते हुए लिखा कि मौजूदा हालात ऐसे बन चुके हैं कि नीतीश कुमार को नियंत्रित करने और उन पर नजर रखने के लिए हर पल उनके साथ एक ‘ब्रेक’ (सहयोगी या सुरक्षाकर्मी) की आवश्यकता पड़ती है। उन्होंने सवाल उठाया कि पिछले ढाई से तीन वर्षों के दौरान ऐसी असहज स्थितियां बार-बार क्यों उत्पन्न हो रही हैं?

मखौल बनता सार्वजनिक जीवन

बयान में आगे कहा गया है कि सार्वजनिक मंचों और कार्यक्रमों में मुख्यमंत्री का आचरण अब राजनीतिक बहसों से अधिक चिंता, असहजता और मखौल का मुख्य विषय बनता जा रहा है। सार्वजनिक कार्यक्रमों में बार-बार इस प्रकार की असहज घटनाएं सामने आना बेहद चिंताजनक है।

​चिकित्सीय देखरेख की आवश्यकता

​रोहिणी आचार्य ने सीधा और गंभीर सवाल पूछते हुए सुझाव दिया है कि क्या अब समय आ गया है कि नीतीश कुमार को सार्वजनिक कार्यक्रमों और मंचों से दूर रखा जाए? उन्होंने मांग की है कि उन्हें बेहतर चिकित्सीय परामर्श और विशेषज्ञों की गहन निगरानी में रखा जाना चाहिए ताकि इस तरह की असहज स्थितियों से बचा जा सके।