कुंदन कुमार/पटना। राजधानी पटना में शिक्षा जगत से जुड़ी एक दुखद और सनसनीखेज घटना ने पूरे राज्य को झकझोर कर रख दिया है। मशहूर शिक्षक रौशन आनंद ने अपने क्लासरूम में छात्रों और मीडिया के सामने भावुक होते हुए अपने भाई की निर्मम हत्या को लेकर गंभीर आरोप लगाए हैं। उन्होंने सीधे तौर पर फैजल खान पर हत्या की साजिश रचने और उसे अंजाम दिलवाने का आरोप मढ़ते हुए न्याय की गुहार लगाई है।

​मेरे जिगर के टुकड़े को छीना गया

​रौशन आनंद ने कहा हमने जो खोया है उसे कोई लौटा नहीं सकता। वह मेरे जिगर का टुकड़ा था। उन्होंने आरोप लगाया कि फैजल खान कोई शिक्षक नहीं बल्कि एक अपराधी है जो केवल साजिशें रचता है। रौशन आनंद ने दावा किया कि उन्हें पहले भी मैनेज करने की कोशिश की गई और धमकियां दी गईं। जब उन्होंने झुकने से इनकार किया तो उनके भाई की हत्या कर दी गई। उन्होंने साफ शब्दों में कहा फैजल खान ने ही गोली चलवाई है।

​पुलिस और नेताओं की भूमिका पर सवाल

​रौशन आनंद ने पटना पुलिस की कार्यशैली पर कड़ा प्रहार किया। उन्होंने सवाल उठाया कि जब पुलिस के पास समय था तो फैजल खान को गिरफ्तार क्यों नहीं किया गया? उन्होंने आरोप लगाया कि पुलिस ने जानबूझकर फैजल खान की मदद की है। उन्होंने यह भी पूछा कि आखिर किस नेता के संरक्षण में फैजल खान जैसे अपराधी को बचाया जा रहा है? रौशन ने चुनौती दी कि वह इस मामले में शामिल हर चेहरे और उस नेता का पर्दाफाश करेंगे जिसके इशारे पर यह सब हो रहा है।

​जेल में भी रची गई थी हत्या की साजिश

​रौशन आनंद ने एक और चौंकाने वाला खुलासा करते हुए कहा कि उनके जेल में रहने के दौरान भी उनकी हत्या की साजिश रची गई थी लेकिन जेल प्रशासन की सतर्कता के कारण उनकी जान बच गई। अब उन्होंने बिहार सरकार से स्पष्ट मांग की है कि इस पूरे मामले की निष्पक्ष जांच CBI से कराई जाए। साथ ही, उन्होंने एक हाई-लेवल कमिटी गठित कर अपने भाई के शव का फिर से पोस्टमार्टम कराने की भी मांग रखी है।
​अंत में अपनी बात रखते हुए उन्होंने कहा मैं एक सनातनी हिंदू हूं और हमें किसी की जान लेना नहीं बल्कि सत्य के लिए लड़ना सिखाया गया है। उन्होंने दोहराया कि वह फैजल खान का रत्ती-रत्ती सच सामने लाकर दम लेंगे।