प्रमोद कुमार/कैमूर। जिले के मोहनिया थाना क्षेत्र अंतर्गत भीट्टी के समीप एक दर्दनाक हादसे में एक 55 वर्षीय मजदूर की जान चली गई। भारतीय कृत्रिम अंग निर्माण निगम (ALIMCO) के क्षेत्रीय विपणन केंद्र के निर्माण कार्य के दौरान 5 टन वजनी तार का बंडल गिरने से मजदूर उसके नीचे दब गया, जिससे मौके पर ही उसकी मौत हो गई।

​सुरक्षा मानकों की अनदेखी का आरोप

​मृतक की पहचान नाटी गांव निवासी स्व. हरीवंश रजक के पुत्र अशोक रजक के रूप में हुई है। घटना सोमवार सुबह करीब 10:30 बजे की है। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, अशोक कंपनी के मुंशी राजू द्विवेदी के साथ जेसीबी की मदद से तार का बंडल उठा रहे थे। इसी दौरान अचानक पट्टी (बेल्ट) टूट गई और 5 टन वजनी तार का बंडल सीधे अशोक के ऊपर जा गिरा।
​स्थानीय लोगों और प्रत्यक्षदर्शियों ने कार्यदायी संस्था और निर्माण कंपनी पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उनका कहना है कि NCCF द्वारा काम ‘इटेक्सन’ कंपनी को दिया गया था, जो सुरक्षा मानकों की पूरी तरह से अनदेखी कर मजदूरों से काम करवा रही थी। बिना किसी सुरक्षा इंतजाम के भारी-भरकम काम कराने के कारण यह हादसा हुआ।

​परिवार पर टूटा दुखों का पहाड़

​अशोक रजक अपने परिवार के एकमात्र सहारा और कमाऊ सदस्य थे। उनके परिवार में पत्नी सीमा देवी, पांच बेटियां और एक बेटा सूरज कुमार है। अचानक हुई इस घटना से परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है। घर में कोहराम मचा हुआ है और परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है।

​परिजनों ने हाईवे किया जाम, मुआवजे की मांग

​हादसे के बाद आक्रोशित ग्रामीणों और अन्य मजदूरों ने मुआवजे, परिवार के एक सदस्य को नौकरी और दोषियों पर सख्त कार्रवाई की मांग करते हुए शव के साथ दिल्ली-कोलकाता नेशनल हाईवे को जाम कर दिया। करीब एक घंटे तक चले इस प्रदर्शन के कारण वाहनों की लंबी कतार लग गई।
​सूचना मिलते ही मोहनिया थानाध्यक्ष आलोक कुमार और प्रखंड विकास पदाधिकारी (BDO) पुलिस बल के साथ घटनास्थल पर पहुंचे। प्रशासन ने परिजनों और प्रदर्शनकारियों को सरकारी प्रावधानों के अनुसार उचित सहायता और निष्पक्ष जांच का भरोसा दिलाया जिसके बाद जाम हटाया गया। फिलहाल शव को पोस्टमार्टम के लिए सदर अस्पताल भभुआ भेज दिया गया है। पुलिस मामले की गहनता से जांच कर रही है ताकि लापरवाही बरतने वालों पर कानूनी कार्रवाई की जा सके।