RPSC Exam Fraud: राजस्थान में प्रतियोगी परीक्षाओं में नकल कराने वाले गिरोह के खिलाफ स्पेशल ऑपरेशन ग्रुप (SOG) की कार्रवाई लगातार जारी है। RPSC EO/RO Paper Leak मामले में एसओजी ने टोंक जिले के निवाई निवासी कोमल मीणा को गिरफ्तार किया है। आरोपी पर ब्लूटूथ डिवाइस के जरिए परीक्षा में नकल करने का आरोप है। वह लंबे समय से फरार थी और उसकी गिरफ्तारी पर ₹5,000 का इनाम घोषित किया गया था।

रिश्तेदार के घर छिपी मिली आरोपी

एसओजी के एडीजी विशाल बंसल ने बताया कि राजस्थान लोक सेवा आयोग (RPSC) की ईओ/आरओ भर्ती परीक्षा-2022 में ब्लूटूथ डिवाइस के जरिए नकल कराने के मामले में एसओजी थाना जयपुर में मुकदमा संख्या 66/2024 दर्ज है। गिरफ्तारी के समय कोमल मीणा जोधपुर जिले के नागौर क्षेत्र में अपने रिश्तेदार के घर छिपी हुई थी। लंबे समय तक तलाश के बाद एसओजी ने 28 जुलाई को उसे गिरफ्तार कर लिया।

ब्लूटूथ और मोबाइल से भेजे गए थे उत्तर

जांच में सामने आया कि अजमेर की अभ्यर्थी पौरव कालेर और उसके चाचा तुलछाराम कालेर ने संगठित नकल गिरोह तैयार किया था। आरोप है कि 14 मई 2023 को आयोजित ईओ/आरओ भर्ती परीक्षा के दौरान गिरोह ने प्रश्नपत्र लीक किया और मोबाइल व ब्लूटूथ डिवाइस के जरिए अभ्यर्थियों तक उत्तर पहुंचाए।

7 लाख रुपये में तय हुई थी डील

पूछताछ में पता चला कि कोमल मीणा वर्ष 2020 से प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रही थी। उसने ईओ/आरओ परीक्षा में ब्लूटूथ डिवाइस के जरिए नकल की। इसके लिए पौरव कालेर और तुलछाराम कालेर के साथ ₹7 लाख में सौदा तय हुआ था। नकल के जरिए वह परीक्षा में सफल भी हो गई थी।

अब तक 33 आरोपी गिरफ्तार

इस मामले की जांच महानिरीक्षक एसओजी उमेशपाल लांबा, उपमहानिरीक्षक भुवन भूषण यादव और पुलिस अधीक्षक कुंदन कंवरिया के नेतृत्व में की जा रही है। एसओजी के अनुसार, इस प्रकरण में अब तक 33 आरोपियों को गिरफ्तार किया जा चुका है। जांच अभी जारी है और गिरफ्तार आरोपी से पूछताछ के आधार पर गिरोह से जुड़े अन्य लोगों की भूमिका की भी जांच की जा रही है।

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