सोनीपत में MDD of India ने तीन साल में 1,498 बाल विवाह रुकवाने का किया दावा
सोनीपत, 5 सितंबर। संयुक्त राष्ट्र की ओर से 27 नवंबर को ‘बाल विवाह, कम उम्र और जबरन विवाह की समाप्ति के लिए अंतरराष्ट्रीय दिवस’ घोषित किए जाने का MDD of India, सोनीपत ने स्वागत किया है। संगठन ने इसे बाल विवाह के खिलाफ भारत में चलाए जा रहे जमीनी अभियान की वैश्विक स्तर पर महत्वपूर्ण पहचान बताया है।
सोनीपत में आयोजित पत्रकार वार्ता में MDD of India के जिला समन्वयक डॉ. राज सिंह सांगवान ने कहा कि संयुक्त राष्ट्र का यह निर्णय Just Rights for Children (JRC) और उसके सहयोगी संगठनों के लंबे संघर्ष की बड़ी उपलब्धि है। उन्होंने बताया कि इस वैश्विक मुहिम को आगे बढ़ाने में JRC के संस्थापक भुवन ऋभु की महत्वपूर्ण भूमिका रही है। वहीं, देशभर में बाल संरक्षण और बाल विवाह रोकने के अभियान को मजबूत करने में MDD of India के CEO सुरेंद्र सिंह मान के नेतृत्व में संगठन लगातार काम कर रहा है।
तीन साल में 1,498 बाल विवाह रुकवाने का दावा
डॉ. राज सिंह सांगवान ने बताया कि MDD of India की सोनीपत टीम ने पिछले तीन वर्षों में जिले में 1,498 बाल विवाह रुकवाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। उन्होंने कहा कि इस अभियान की सफलता जिला प्रशासन, पुलिस, सामाजिक कार्यकर्ताओं, सरपंचों, जनप्रतिनिधियों, शिक्षकों और स्थानीय लोगों के सामूहिक सहयोग से संभव हुई।
उन्होंने बताया कि बाल विवाह की सूचना मिलने के बाद संबंधित परिवारों से संपर्क कर समझाइश दी गई। साथ ही कानूनी प्रावधानों की जानकारी देने, शपथ-पत्र लेने, पंचायत स्तर पर हस्तक्षेप करने और जरूरत पड़ने पर प्रशासन को सूचना देने जैसे कदम उठाकर बाल विवाह रोकने की कार्रवाई की गई।
डॉ. सांगवान ने कहा कि सोनीपत में तीन वर्षों के दौरान 1,498 बाल विवाह रोकना सिर्फ एक आंकड़ा नहीं है, बल्कि यह समाज में आ रहे बदलाव और प्रशासन व नागरिक संगठनों के संयुक्त प्रयासों का परिणाम है। संगठन का उद्देश्य बच्चों को शिक्षा, सुरक्षा और सम्मान के साथ उनका बचपन उपलब्ध कराना है।
जागरूकता और पंचायतों की भागीदारी जरूरी
उन्होंने कहा कि सिर्फ कानून के जरिए बाल विवाह की समस्या को पूरी तरह खत्म नहीं किया जा सकता। इसके लिए गांव-गांव जागरूकता अभियान चलाने, स्कूलों में संवाद बढ़ाने, पंचायतों को सक्रिय करने, अभिभावकों की काउंसलिंग करने और सामाजिक एवं धार्मिक नेतृत्व को अभियान से जोड़ने की जरूरत है।
भारत से उठी आवाज को मिली वैश्विक पहचान
डॉ. सांगवान के अनुसार, 27 नवंबर को अंतरराष्ट्रीय दिवस घोषित करने की पहल JRC के संस्थापक भुवन ऋभु लंबे समय से करते आ रहे थे। उन्होंने मार्च 2026 में संयुक्त राष्ट्र में अपने संबोधन के दौरान भी इस मांग को उठाया था। इसके बाद सिएरा लियोन ने भारत सहित 67 देशों के समर्थन वाला प्रस्ताव संयुक्त राष्ट्र महासभा में पेश किया। 4 सितंबर को प्रस्ताव पारित होना बाल विवाह के खिलाफ चल रहे अभियान के लिए महत्वपूर्ण उपलब्धि बताया गया।
उन्होंने कहा कि वर्ष 2024 में भारत सरकार ने नागरिक समाज संगठनों के साथ मिलकर ‘बाल विवाह मुक्त भारत’ अभियान को आगे बढ़ाया था। अब इस मुद्दे को संयुक्त राष्ट्र स्तर पर अंतरराष्ट्रीय दिवस के रूप में पहचान मिलने से अभियान को नई दिशा मिली है।
बाल विवाह रोकना समाज की सामूहिक जिम्मेदारी
डॉ. राज सिंह सांगवान ने कहा कि संयुक्त राष्ट्र की घोषणा निश्चित रूप से गर्व का विषय है, लेकिन इससे बाल विवाह रोकने की जिम्मेदारी भी बढ़ गई है। जब तक किसी गांव में एक भी बच्चा बाल विवाह के खतरे में है, तब तक अभियान को पूरा नहीं माना जा सकता।
उन्होंने जिला प्रशासन, पुलिस, पंचायत प्रतिनिधियों, शिक्षकों, सामाजिक संगठनों और आम लोगों से अपील की कि बाल विवाह की किसी भी जानकारी को नजरअंदाज न करें और समय रहते संबंधित अधिकारियों को इसकी सूचना दें।
MDD of India ने कहा कि सोनीपत में अब तक रोके गए 1,498 बाल विवाह के अभियान को आगे बढ़ाते हुए संगठन ‘बाल विवाह मुक्त सोनीपत’ के लक्ष्य की दिशा में काम जारी रखेगा।
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