अनमोल मिश्रा, सतना। मध्य प्रदेश के सतना जिले में नलकूप खनन पर प्रतिबंध नहीं है परन्तु रविवार-सोमवार की दरम्यानी रात धारकुंडी थाना में पदस्थ पुलिस कर्मी ने बोरबेल के मैनेजर को प्रतिबंध का डर दिखाकर गाड़ी में बैठा लिया। कार्रवाई की धौंस देकर पांच हजार रुपए वसूल लिए। इस संबंध में रामबहोर यादव निवासी सेमरिया जिला रीवा ने बताया कि उसके द्वारा बोरवेल का काम किया जाता है। रविवार को उसकी मशीन सतना जिले के धारकुंडी थानान्तर्गत जमुआनी गांव में बोरिंग करने गई हुई थी। बोरिंग का काम चल रहा था। रात्रि तकरीबन 1.30 बजे के करीब दो पुलिसकर्मी आए। बोर मशीन बंद करवाई और मैनेजर अजीत से कहा कि बोरिंग मशीन पर प्रतिबंध है। बिना अनुमति के कैसे बोरिंग हो रही है ?
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बृजेश पटेल नामक पुलिसकर्मी ने मोबाइल पर बोरिंग पर प्रतिबंध का आदेश दिखाया। रामबहोर ने बताया कि दोनों पुलिसकर्मियों ने बोरवेल के मैनेजर अजीत को अपनी गाड़ी में बैठा लिया और उसे शुकवाह की तरफ ले गए फिर यहां से विजयपुर ले गए। पुलिसकर्मी बृजेश ने थाना प्रभारी को मैनेज करने के नाम पर 10 हजार रुपए की मांग की। नहीं तो मशीन ले जाकर थाने में खड़ी कर देने की धमकी भी दी। कार्रवाई के डर से मैनेजर अजीत ने पुलिस कर्मी बृजेश पटेल को पांच हजार रुपए दिए तब उसे छोड़ा गया।
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मामला सोमवार की शाम सोशल मीडिया पर आने पर आईजी गौरव राजपूत ने संज्ञान में लेते अपने स्तर से धारकुंडी थाना में पदस्थ पुलिस कर्मियों की भूमिका की जांच शुरू कराई। जांच में यह तथ्य सामने आया कि प्रतिबंध का डर दिखाकर बोरवेल के मैनेजर से पांच हजार रुपए की वसूली की गई है। आईजी राजपूत के निर्देश पर एसपी हंसराज सिंह ने तत्काल प्रभाव से धारकुंडी थाना में पदस्थ बृजेश पटेल, विकास राजपूत और सुरेश मिश्रा को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है।

