भिवानी के तपोभूमि परमहंस योगाश्रम में स्वामी भास्करानंद महाराज की स्मृति में वार्षिक महोत्सव और रुद्र महायज्ञ का भव्य आयोजन हो रहा है।

अजय सैनी, भिवानी। ‘छोटी काशी’ भिवानी स्थित तपोभूमि परमहंस योगाश्रम धाम में वार्षिक महोत्सव का भव्य आगाज हो चुका है। श्रीश्री 1008 स्वामी भास्करानंद परमहंस महाराज की पुण्यस्मृति में आयोजित यह आठ दिवसीय दिव्य महोत्सव 31 मई को शुरू हुआ था, जो 7 जून तक पूर्ण श्रद्धा और उल्लास के साथ मनाया जा रहा है। पूज्य स्वामी कृष्णानन्द सरस्वती महाराज के पावन सान्निध्य में हो रहे इस धार्मिक समागम में क्षेत्रभर से श्रद्धालु भारी संख्या में पहुंच रहे हैं। यज्ञ की पवित्र आहुतियों और गूंजते वैदिक मंत्रोच्चार से संपूर्ण आश्रम परिसर और भिवानी नगरी का वातावरण भक्तिमय हो गया है, जो श्रद्धालुओं को आत्मिक शांति का संदेश प्रदान कर रहा है।

आत्म-कल्याण का पवित्र संकल्प महोत्सव

पीठाधीश्वर स्वामी कृष्णानन्द सरस्वती महाराज ने श्रद्धालुओं को संबोधित करते हुए कहा कि मानव जीवन का परम लक्ष्य आत्म-कल्याण और लोक-कल्याण है। उन्होंने बताया कि स्वामी भास्करानंद परमहंस महाराज ने अपना संपूर्ण जीवन योग, साधना और सनातन संस्कृति के उत्थान में समर्पित कर दिया था। यह वार्षिक महोत्सव केवल एक धार्मिक आयोजन नहीं, बल्कि हमारे भीतर की आध्यात्मिक ऊर्जा को जगाने और सद्गुरुदेव के दिखाए परोपकार के मार्ग पर चलने का एक पवित्र संकल्प है। वर्तमान अशांति और तनावपूर्ण समय में रुद्र महायज्ञ और हरि नाम संकीर्तन विश्व शांति और पर्यावरण की शुद्धि के लिए एक अचूक माध्यम के रूप में कार्य कर रहे हैं।

सात जून को होगी पूर्णाहुति

महोत्सव के दौरान प्रतिदिन सुबह 6:30 से 8:30 बजे तक वैदिक विद्वानों के आचार्यत्व में यज्ञ संपन्न हो रहा है, जिसमें श्रद्धालु समाज की समृद्धि की कामना कर रहे हैं। वहीं, शाम 4 से 7 बजे तक श्रीमद्भागवत कथा का वाचन किया जा रहा है। कार्यक्रमों की श्रृंखला में 6 जून की शाम को हास्य कवि सम्मेलन का आयोजन भी होगा। महोत्सव का समापन 7 जून, रविवार को रुद्र महायज्ञ की पूर्णाहुति के साथ होगा, जिसके बाद पूज्य सद्गुरुदेव की पुण्यतिथि पर विशेष पूजन-अर्चन किया जाएगा। आश्रम प्रबंधन ने सभी धर्मप्रेमी बंधुओं से इस कार्यक्रम में सम्मिलित होकर पुण्य लाभ अर्जित करने का आह्वान किया है, जिससे क्षेत्र में धर्म और संस्कृति का संचार हो सके।