हेमंत शर्मा, इंदौर। मध्य प्रदेश के इंदौर में बच्चों की सेहत से खिलवाड़ करने का बड़ा मामला सामने आया है। राजाराम नगर स्थित “डायमंड पेप्सी” नाम की आइस लॉली निर्माण इकाई पर खाद्य सुरक्षा प्रशासन ने बड़ी कार्रवाई करते हुए करीब 300 लीटर आइस लॉली जब्त कर निर्माण कार्य बंद करा दिया।
कलेक्टर शिवम वर्मा के निर्देश पर खाद्य सुरक्षा विभाग की टीम ने मंगलवार को शहर के कई प्रतिष्ठानों पर औचक निरीक्षण किया। इस दौरान कुल 14 खाद्य नमूने जांच के लिए लिए गए। कार्रवाई के दौरान “डायमंड पेप्सी” में मैंगो, ऑरेंज, काला खट्टा, कोकोनट और चॉकलेट फ्लेवर की आइस लॉली बनाई जाती मिली। जांच में सामने आया कि निर्माण में बोरिंग के पानी का इस्तेमाल किया जा रहा था। सबसे चौंकाने वाली बात यह रही कि आइस लॉली में सैकरीन का उपयोग पाया गया, जो छोटे बच्चों के सेवन के लिए सुरक्षित नहीं माना जाता।खाद्य सुरक्षा अधिकारियों ने मौके से मैंगो आइस लॉली, ऑरेंज आइस लॉली और सैकरीन के सैंपल जांच के लिए लिए। साथ ही लगभग 300 लीटर तैयार उत्पाद जब्त कर लिया गया। जांच में यह भी सामने आया कि उत्पादों पर किसी तरह की वैधानिक चेतावनी या जरूरी लेबलिंग नहीं थी।
अनियमितताओं को गंभीर मानते हुए प्रशासन ने सुधार होने तक निर्माण कार्य बंद करा दिया है। मौके पर संचालक मनोज कुशवाहा मौजूद मिले। इसी कार्रवाई के तहत F.C. Enterprises तिलक नगर से टोन्ड मिल्क, कंडेंस्ड मिल्क, क्रीम, हनी और फ्लेवर्ड मिल्क के 5 नमूने लिए गए। वहीं डेल्टा मार्केटिंग ओल्ड पलासिया से फ्लेवर्ड मिल्क, डेयरी बेस्ड ड्रिंक, लैक्टोज फ्री मिल्क, कुकीज और रस्क के 5 सैंपल जांच के लिए लिए गए। इसके अलावा CM हेल्पलाइन पर शिकायत मिलने के बाद विजय श्री सैंडविच जेल रोड का निरीक्षण कर बेक समोसा का भी सैंपल लिया गया। कलेक्टर शिवम वर्मा ने कहा है कि आम लोगों को सुरक्षित और गुणवत्तापूर्ण खाद्य पदार्थ उपलब्ध कराना प्रशासन की प्राथमिकता है। खाद्य सुरक्षा मानकों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ आगे भी सख्त कार्रवाई जारी रहेगी।

