सहारनपुर/पटना। उत्तर प्रदेश और बिहार पुलिस के लिए लंबे समय से मोस्ट वांटेड बना कुख्यात अपराधी ललन सिंह आखिरकार सहारनपुर में पुलिस मुठभेड़ में मारा गया। 1.25 लाख रुपये का इनामी ललन सिंह, जो बिहार के समस्तीपुर जिले के मोहिउद्दीननगर का मूल निवासी था, कई जघन्य अपराधों का मुख्य आरोपी था। उसकी मौत के बाद दोनों राज्यों की पुलिस ने बड़ी राहत की सांस ली है।
पीएनबी कैश वैन लूट और तिहरा हत्याकांड
ललन सिंह का नाम अपराध जगत में तब सुर्खियों में आया जब उसने 2017 में पटना के बेलछी में पंजाब नेशनल बैंक (PNB) की कैश वैन को अपना निशाना बनाया। इस दुस्साहसिक वारदात में उसके गिरोह ने 60 लाख रुपये लूट लिए थे। लूट के दौरान दरिंदगी की हद पार करते हुए ललन ने दो सुरक्षा गार्ड योगेश्वर पासवान और सुरेश सिंह तथा चालक अजीत यादव की निर्मम हत्या कर दी थी। हालांकि उस समय पटना पुलिस ने तत्परता दिखाते हुए ललन सिंह उसके भाई और पिता को गिरफ्तार किया था और लूटी गई रकम में से 45 लाख रुपये बरामद कर लिए थे।
अपराध का लंबा इतिहास
जेल से बाहर आने के बाद ललन सिंह ने अपनी आपराधिक गतिविधियों को और विस्तार दिया। उसने अपने दोनों भाई मनीष और रजनीश के साथ मिलकर एक खतरनाक गैंग बनाया। पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार इस गैंग पर बिहार और यूपी में दो सब-इंस्पेक्टर एक बैंक कैशियर और एक सुरक्षा गार्ड समेत कुल सात लोगों की हत्या करने का गंभीर आरोप था।
वर्ष 2025 में वाराणसी में दारोगा अजय यादव की हत्या और उनकी सरकारी पिस्टल लूटने के मामले में यूपी पुलिस ने एक बड़ी कार्रवाई की थी, जिसमें ललन के दोनों भाई मुठभेड़ में ढेर हो गए थे। उस वक्त ललन पुलिस को चकमा देकर फरार होने में सफल रहा था।
अंततः कानून के हत्थे चढ़ा ललन
फरार चल रहे ललन सिंह पर यूपी पुलिस ने 1.25 लाख रुपये का इनाम घोषित कर रखा था। वह लगातार पुलिस की रडार पर था। 21-22 जून की रात को सहारनपुर पुलिस को एक गुप्त सूचना मिली कि अपराधी सरसावा-नकुड़ मार्ग से गुजरने वाला है। पुलिस ने जाल बिछाकर उसे घेर लिया। खुद को घिरता देख ललन ने पुलिस टीम पर ताबड़तोड़ फायरिंग शुरू कर दी। पुलिस ने भी जवाबी फायरिंग की जिसमें ललन सिंह को गंभीर चोटें आईं। उसे तुरंत नजदीकी अस्पताल ले जाया गया जहां चिकित्सकों ने उसे मृत घोषित कर दिया।
इस एनकाउंटर ने एक ऐसे खूंखार अपराधी के अध्याय को समाप्त कर दिया जिसने वर्षों से बिहार और उत्तर प्रदेश में दहशत फैला रखी थी।

