सहारनपुर के नागल थाना क्षेत्र के उमाही-कोटा गांव में FSDA की टीम ने एक मकान में छापेमारी कर दवाओं की पैकिंग से जुड़ी सामग्री और मशीनरी बरामद की. तहखाने से 32.555 किलोग्राम दवा की स्ट्रिप्स के साथ पीली और सफेद अनब्रांडेड गोलियां मिली हैं.
सहारनपुर. जिले के नागल थाना क्षेत्र के उमाही-कोटा गांव में नकली दवाओं की पैकिंग से जुड़ी गतिविधि का मामला सामने आया है. सीएमओ डॉ. प्रवीन कुमार के मुताबिक सूचना मिलने के बाद FSDA की टीम ने गांव स्थित एक मकान पर छापेमारी की, जहां तहखाने में दवाओं की पैकिंग से संबंधित गतिविधियों के साक्ष्य मिले.
तलाशी के दौरान टीम को दवाओं की स्ट्रिप तैयार करने और कार्टून पैक करने में इस्तेमाल होने वाली मशीनरी और अन्य सामग्री मिली. मौके से 32.555 किलोग्राम दवा की स्ट्रिप्स भी बरामद की गईं.
इसके अलावा 6.950 किलोग्राम पीले रंग की और 4.900 किलोग्राम सफेद रंग की अनब्रांडेड गोलियां मिलीं. FSDA की टीम ने बरामद सामग्री को जब्त करने के बाद सील कर दिया.
तहखाने में पैकिंग
सीएमओ डॉ. प्रवीन कुमार ने बताया कि शुरुआती जांच में मकान के तहखाने में दवाओं की पैकिंग से संबंधित काम किए जाने की जानकारी सामने आई है. हालांकि, बरामद गोलियां किस दवा की हैं और इनके निर्माण या पैकिंग में कौन लोग शामिल हैं, यह अभी स्पष्ट नहीं है.

उन्होंने बताया कि इन बिंदुओं का खुलासा विस्तृत जांच पूरी होने के बाद ही हो सकेगा. विभाग अब बरामद सामग्री और उससे जुड़े पूरे नेटवर्क की जानकारी जुटाने में लगा है.
कहां से आई सामग्री
जांच के दौरान यह भी पता लगाने का प्रयास किया जा रहा है कि बरामद दवाओं और पैकिंग सामग्री को कहां से लाया गया था. इसके अलावा टीम यह जानने की कोशिश कर रही है कि इन सामग्रियों से किन दवाओं की पैकिंग की जानी थी और तैयार दवाओं की सप्लाई कहां तक होती थी.
जांच में यह भी देखा जाएगा कि बरामद दवाओं और पैकिंग सामग्री पर दर्ज नाम और ब्रांड वास्तविक हैं या किसी अन्य उत्पाद की आड़ में उनका इस्तेमाल किया जा रहा था.
पहले भी सामने आए मामले
सहारनपुर में इससे पहले भी नकली और अवैध दवाओं से जुड़े मामले सामने आते रहे हैं. ऐसे में उमाही-कोटा में मिली इस यूनिट को लेकर औषधि विभाग की जांच को अहम माना जा रहा है.
FSDA की कार्रवाई के बाद अब मामले की जांच का दायरा बढ़ने की संभावना है. विभाग बिना अनुमति या नियमों का उल्लंघन कर दवाओं के निर्माण, पैकिंग और सप्लाई से जुड़े लोगों की गतिविधियों की भी पड़ताल कर रहा है.



