विकास कुमार, सहरसा। जिले के स्कूल में मध्याह्न भोजन (मिड डे मील) खाने के बाद एक दर्जन से अधिक बच्चों की अचानक तबीयत बिगड़ गई। यह मामला बनगांव थाना क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले वासुदेवा स्कूल का है। खाना खाने के तुरंत बाद बच्चों को पेट में तेज दर्द, लगातार उल्टी और जी मिचलाने की गंभीर शिकायत होने लगी, जिसके बाद पूरे इलाके में अफरा-तफरी मच गई।

​अस्पताल में चल रहा है इलाज

​बच्चों की बिगड़ती स्थिति को देखते हुए स्कूल प्रशासन और परिजनों ने बिना देर किए उन्हें आनन-फानन में सदर अस्पताल सहरसा में भर्ती कराया। अस्पताल के आपातकालीन वार्ड में सभी बीमार बच्चों का इलाज तुरंत शुरू किया गया। राहत की बात यह है कि डॉक्टरों के शुरुआती स्वास्थ्य परीक्षण और देखरेख के बाद फिलहाल सभी बच्चे खतरे से बाहर बताए जा रहे हैं, फिर भी एहतियात के तौर पर उन्हें चिकित्सकीय निगरानी में रखा गया है।

​भोजन की गुणवत्ता पर उठे गंभीर सवाल

​घटना के बाद बच्चों के परिजनों और स्थानीय ग्रामीणों में भारी आक्रोश देखा जा रहा है। परिजनों का आरोप है कि परोसे गए मिड डे मील के भोजन में एक छिपकली गिरी हुई थी। उनका यह भी कहना है कि जब कुछ बच्चों ने खाने में गड़बड़ी भांपते हुए इसे खाने से इनकार किया, तब भी स्कूल प्रबंधन और संबंधित लोगों द्वारा उन्हें जबरन वह खाना खिलाया गया, जिसके कारण यह गंभीर हादसा हुआ।

​प्रशासन की जांच और आधिकारिक स्थिति

​भोजन में छिपकली मिलने और बच्चों को जबरन खाना खिलाने के इन गंभीर आरोपों पर फिलहाल प्रशासनिक स्तर पर कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है। शिक्षा विभाग और स्थानीय प्रशासन इस पूरे मामले की गहराई से जांच-पड़ताल कर रहा है। अधिकारियों का कहना है कि खाद्य नमूनों की जांच और पूरी रिपोर्ट आने के बाद ही इस घटना की वास्तविक स्थिति स्पष्ट हो सकेगी कि आखिर लापरवाही कहां और किसकी तरफ से हुई थी।