साहिबगंज। जिले की सीमा पर बाढ़ का पानी लोगों की आवाजाही में बड़ी बाधा बन गया है। मखलपुर और बिहार के बाबुपुर के बीच करीब 500 मीटर सड़क पानी में डूब गई है, जिसके चलते सड़क मार्ग से आवागमन पूरी तरह प्रभावित है। कामकाजी लोगों और ग्रामीणों को अब आने-जाने के लिए नाव का सहारा लेना पड़ रहा है। ग्रामीणों के मुताबिक यह परेशानी पिछले करीब 10 दिनों से बनी हुई है।

पांच मिनट का रास्ता, अब नाव के लिए करना पड़ रहा इंतजार

मखलपुर और बाबुपुर गांव के बीच सामान्य दिनों में दूरी तय करने में महज पांच मिनट लगते हैं। दोनों गांवों के बड़ी संख्या में परिवारों के बीच रिश्तेदारी भी है, लेकिन सड़क पर बाढ़ का पानी भरने से लोगों की मुश्किलें बढ़ गई हैं।

ग्रामीणों का कहना है कि अब नाव का इंतजार करना पड़ता है और कई बार एक घंटे तक समय लग जाता है। इससे रोजमर्रा के काम, रोजगार और जरूरी आवाजाही प्रभावित हो रही है।

झारखंड की सीमा तक बनी सड़क, बिहार में अधूरा हिस्सा

ग्रामीणों का आरोप है कि झारखंड सरकार ने अपनी सीमा तक सड़क का निर्माण करा दिया है, लेकिन बिहार की सीमा में सड़क का हिस्सा अब तक अधूरा पड़ा है। उनका कहना है कि यदि बाइपास सड़क को ऊंचा कर दिया जाता और बीच-बीच में दो-तीन पुलिया बना दी जातीं तो जलजमाव और आवागमन की समस्या का स्थायी समाधान हो सकता था।

मखलपुर जाने वाले मार्ग पर भी दो स्थानों पर सड़क पर पानी भर गया है। कुछ हिस्सों में सड़क कटने से वाहनों की आवाजाही बाधित हो चुकी है।

दस साल से बनी हुई है समस्या

ग्रामीण मो. नसीम ने बताया कि उनका घर बाबुपुर में है, जबकि उनकी बहन और ससुराल मखलपुर में है। उनके मुताबिक सामान्य दिनों में वहां पहुंचने में सिर्फ पांच मिनट लगते हैं, लेकिन फिलहाल करीब एक घंटे तक का समय लग रहा है।

उन्होंने कहा कि साल में दो से चार महीने तक ग्रामीणों को इस परेशानी का सामना करना पड़ता है। उनका आरोप है कि सड़क का काम वर्षों से अधूरा पड़ा है और बिहार सरकार तथा स्थानीय जनप्रतिनिधियों की उदासीनता के कारण समस्या का समाधान नहीं हो पा रहा है।

वहीं ग्रामीण मो. अब्दुल जलील ने दावा किया कि यह समस्या करीब दस साल से बनी हुई है। उन्होंने सड़क निर्माण में राजनीतिक कारणों का भी आरोप लगाया और कहा कि कुछ लोगों ने इस सड़क को अवैध वसूली का अड्डा बना रखा है। उन्होंने भागलपुर जिला प्रशासन से मामले में संज्ञान लेकर कार्रवाई की मांग की है।

बढ़ रहा गंगा का जलस्तर, दियारा क्षेत्र में फिर बाढ़ का खतरा

इधर गंगा के जलस्तर में एक बार फिर बढ़ोतरी दर्ज की जा रही है। गुरुवार सुबह जलस्तर 27.62 मीटर दर्ज किया गया। पानी करीब एक सेंटीमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से बढ़ रहा है। पूर्वानुमान के मुताबिक जलस्तर शुक्रवार को 27.86 मीटर या उससे अधिक पहुंच सकता है।

इससे पहले 29 अगस्त को गंगा का अधिकतम जलस्तर 27.85 मीटर तक पहुंचा था, जिसके बाद इसमें धीरे-धीरे कमी आई थी। अब दोबारा जलस्तर बढ़ने से दियारा क्षेत्र में बाढ़ का खतरा मंडराने लगा है।

ग्रामीणों की मांग है कि सीमा क्षेत्र की सड़क को ऊंचा कर स्थायी रूप से बनाया जाए, ताकि हर साल बाढ़ के दौरान नाव के सहारे आवागमन करने की मजबूरी खत्म हो सके।