विकास कुमार/सहरसा। जिले के बसनही थाना अंतर्गत गोंदराम गांव में शुक्रवार को भूमि विवाद ने एक हिंसक रूप ले लिया जिससे पूरे इलाके में सनसनी फैल गई। जमीन के मालिकाना हक को लेकर लंबे समय से चला आ रहा विवाद अचानक खूनी संघर्ष में तब्दील हो गया जिसमें महिलाओं समेत करीब एक दर्जन लोग गंभीर रूप से घायल हो गए।

​विवाद की पृष्ठभूमि और हिंसक झड़प

​स्थानीय सूत्रों के अनुसार गोंदराम गांव में दो पक्षों के बीच एक भूखंड को लेकर पिछले काफी समय से विवाद चल रहा था। शुक्रवार को यह विवाद उस वक्त चरम पर पहुंच गया जब दोनों पक्ष आमने-सामने आ गए। कहासुनी से शुरू हुई यह घटना देखते ही देखते हिंसक हो गई। आक्रोशित लोगों ने लाठी-डंडों और लोहे की रॉड से एक-दूसरे पर जानलेवा हमला कर दिया। इस हिंसक झड़प में बच्चों और महिलाओं को भी चोटें आईं जिससे वहां अफरा-तफरी का माहौल कायम हो गया।

​ग्रामीणों का साहस और पुलिस की कार्रवाई

​घटना के दौरान ग्रामीणों ने साहस का परिचय देते हुए तीन हमलावरों को मौके पर ही दबोच लिया। ग्रामीणों का गुस्सा इतना था कि उन्होंने पहले उनकी जमकर धुनाई की और फिर उन्हें रस्सी से बांधकर पुलिस के हवाले कर दिया। सूचना मिलते ही बसनही थाना पुलिस दलबल के साथ मौके पर पहुंची। सभी घायलों को त्वरित उपचार के लिए सोनवर्षा सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र ले जाया गया। घायलों की गंभीर स्थिति को देखते हुए तीन लोगों को प्राथमिक उपचार के बाद बेहतर इलाज के लिए सदर अस्पताल सहरसा रेफर कर दिया गया है।

​प्रशासन का रुख

​पुलिस ने मौके पर पहुंचकर घायलों के बयान दर्ज किए और मामले की गहन जांच शुरू कर दी है। बसनही थाना प्रभारी ने बताया कि गांव में वर्तमान में स्थिति नियंत्रण में है लेकिन एहतियात के तौर पर पुलिस बल की तैनाती जारी है। उन्होंने कहा घायलों की संख्या को देखते हुए मामला दर्ज कर लिया गया है। साक्ष्यों के आधार पर सभी दोषियों को चिह्नित किया जा रहा है और किसी भी सूरत में उन्हें बख्शा नहीं जाएगा। कड़ी कानूनी कार्रवाई की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। घटना के बाद गांव में तनाव का माहौल है लेकिन पुलिस की निगरानी से स्थिति सामान्य बनी हुई है।