प्रदीप मालवीय, उज्जैन। गंगा दशहरा पर अखाड़ा परिषद अध्यक्ष महामंत्री और स्वर्गीय पायलट बाबा की शिष्या महामंडलेश्वर केला पुरी किको आइकवा के साथ विदेशी भक्तों ने माता शिप्रा का विधि विधान से पूजन अर्चन किया। इस दौरान अखाडा परिषद के अध्यक्ष और महासचिव घाट की सफाई करते हुए नजर आए। पूजन के बाद साधु संतों के द्वारा जूना अखाड़े से पेशवाई निकाली।

गंगा दशहरा पर माता शिप्रा और गंगा नदी के पूजन अर्चन का विशेष महत्व माना गया है इसलिए प्रति वर्ष अखाड़ा परिषद की ओर से मां गंगा और मां शिप्रा का पूजन अर्चन किया जाता है। इसी के चलते उज्जैन के दत्त अखाडा घाट पर अखाड़ा परिषद के अध्यक्ष रवींद्र पुरी, महासचिव हरी गिरी और पायलट बाबा की शिष्या महामंडलेश्वर केला पुरी केको आइकवा ने माता शिप्रा का विधि विधान से पूजन अर्चन किया। इस दौरान घाट पर जापान के कई विदेशी भक्त भी माता के साथ पूजन अर्चन में शामिल हुए। 

अखाड़ा परिषद के अध्यक्ष और महामंत्री ने संतों के साथ घाट पर साफ सफाई कर  स्नान किया । इसके बाद महामंडलेश्वर केको आइकवा ने दत्त अखाड़ा स्थित मंदिरों में पूजन अर्चन कर आशीर्वाद लिया। पूजन के बाद दत्तअखाड़े से घोड़े बग्गी बंद के साथ पेशवाई निकाली गई, यह पेशवाई शहर के विभिन्न मार्गो से होती हुई दातार अखाड़े पर पहुंची। 

यहां पर पेशवाई का भव्य स्वागत किया गया। अखाड़ा परिषद के राष्ट्रीय अध्यक्ष रविंद्रपुरी ने कहा कि हरिद्वार के बाद शिप्रा नदी में पूजन का विशेष महत्व है इसलिए यहां पर पूजन अर्चन किया गया है। घाट की सफाई कर स्नान किया गया है । मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव से जल्द ही शिप्रा को शुद्ध जल से भरने की अपील संतों ने की है।

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