समस्तीपुर। जिले के मोरवाडीह गांव में रविवार रात एक सनसनीखेज वारदात को अंजाम दिया गया। यहां 32 वर्षीय कुख्यात अपराधी मोनू झा की घर में सोते समय गोली मारकर हत्या कर दी गई। हमलावरों ने मोनू के सिर में 4 और सीने में 1 गोली मारी, जिससे उसकी मौके पर ही मौत हो गई। पुलिस ने घटनास्थल से दो खोखे बरामद किए हैं। हत्या का आरोप गांव के ही प्रिंस कुमार झा पर लगा है, जो कभी मोनू का ही साथी हुआ करता था।

​लूट और हत्या के गंभीर मामले थे दर्ज

​मोनू झा का आपराधिक इतिहास काफी लंबा रहा है। उस पर 2019 में मुसरीघरारी थाना क्षेत्र में अमृतसर के स्वर्ण व्यवसायी अमरजीत सिंह और उनके भाई से 35 लाख रुपए का सोना और 90 हजार नगदी लूटने का मामला दर्ज था। 16 मई 2019 को एनएच-28 पर बाइक सवार चार अपराधियों ने इस बड़ी वारदात को अंजाम दिया था। इसके अलावा, मार्च 2019 में वैशाली के महुआ थाना क्षेत्र में एक महिला की गला काटकर हत्या और लूट के मामले में भी मोनू मुख्य आरोपी था, जिसके चलते वह जेल भी जा चुका था।

​वर्चस्व और शराब के कारोबार ने बढ़ाई दुश्मनी

​जेल से छूटने के बाद मोनू ने कुछ समय के लिए शिक्षा के क्षेत्र में कदम रखा और एक स्कूल खोला, लेकिन असफल रहने के बाद वह बिहार से बाहर चला गया था। इस दौरान प्रिंस ने इलाके में अपनी पैठ मजबूत कर ली और अवैध शराब के कारोबार में उतर गया। पिछले साल जब मोनू गांव लौटा और उसने शराब के धंधे में दखल देना शुरू किया, तो दोनों के बीच वर्चस्व की लड़ाई छिड़ गई।

​खुद को बचाने के लिए की हत्या

​गांव में चर्चा है कि मोनू ने प्रिंस को रास्ते से हटाने की पूरी योजना बना ली थी। प्रिंस के पिता ने भी गांव में कई लोगों से इस बात का जिक्र किया था। ग्रामीणों के अनुसार प्रिंस को जब अपनी जान पर खतरा महसूस हुआ तो उसने पहले वार की नीति अपनाते हुए मोनू को मार डाला। हालांकि पुलिस अभी किसी निष्कर्ष पर नहीं पहुंची है।
​एसपी अरविंद्र प्रताप सिंह ने बताया कि मोनू का पुराना आपराधिक रिकॉर्ड रहा है और पुलिस मुसरीघरारी व महुआ थाने में दर्ज कांडों के साथ-साथ आपसी रंजिश के सभी पहलुओं की गहन जांच कर रही है। फिलहाल इलाके में तनाव का माहौल है और पुलिस की टीमें संदिग्धों की तलाश में छापेमारी कर रही हैं।