भुवनेश्वर: ओडिशा में भ्रष्टाचार के खिलाफ एक बड़ी कार्रवाई करते हुए विजिलेंस (सतर्कता विभाग) ने संबलपुर डिवीजन के कमान क्षेत्र विकास प्राधिकरण (CADA – Command Area Development Authority) के कार्यकारी अभियंता पद्मलोचन नायक के ठिकानों पर बड़े पैमाने पर छापेमारी की है. नायक पर अपनी वैध आय से अधिक संपत्ति अर्जित करने का गंभीर आरोप है. मंगलवार सुबह से ही उनके सहयोगियों और उनसे जुड़े ओडिशा के विभिन्न जिलों में स्थित कुल 7 ठिकानों पर एक साथ समानांतर तलाशी अभियान चलाया जा रहा है.

आधिकारिक सूत्रों के अनुसार, पद्मलोचन नायक के खिलाफ लगातार मिल रही भ्रष्टाचार की शिकायतों के आधार पर यह कदम उठाया गया है. संबलपुर के विशेष विजिलेंस न्यायाधीश द्वारा जारी किए गए सर्च वारंट के बल पर यह पूरी कार्रवाई की जा रही है.

इस हाई-प्रोफाइल छापेमारी को अंजाम देने के लिए सतर्कता विभाग ने एक बड़ी टीम तैनात की है, जिसमें शामिल हैं:

  • 4 डिप्टी सुप्रीटेंडेंट ऑफ पुलिस (DSP)
  • 13 इंस्पेक्टर
  • 7 असिस्टेंट सब-इंस्पेक्टर (ASI)
  • और अन्य सहयोगी पुलिस कर्मचारी.

इन 7 प्रमुख स्थानों पर चल रही है तलाशी

विजिलेंस की टीमों ने संबलपुर, कटक, बालासोर और मलकानगिरी जिलों में फैले उनके ठिकानों को एक साथ घेरा है:

संबलपुर (धनुपाली): नायक का किराये का मकान.
संबलपुर (कार्यालय): धनुपाली स्थित कार्यकारी अभियंता का आधिकारिक कार्यालय कक्ष.
कटक (बिद्याधरपुर): पद्मलोचन नायक की एक आलीशान तीन मंजिला आवासीय इमारत.
कटक (सहयोगी): कटक शहर में रहने वाले उनके दो करीबी सहयोगियों के आवास.
बालासोर (मुखालिस): बस्ता थाना क्षेत्र के अंतर्गत आने वाला उनका एक दो मंजिला मकान.
मलकानगिरी (कालीमेला): कालीमेला इलाके में स्थित उनके एक अन्य सहयोगी का घर.

विजिलेंस विभाग के अधिकारी सभी चिन्हित स्थानों पर गहनता से छानबीन कर रहे हैं. इस दौरान जमीन-जायदाद के महत्वपूर्ण कागजात, बैंक खाते, लॉकर, सोने-चांदी के गहने और अन्य चल-अचल संपत्तियों की बारीकी से जांच की जा रही है.

चूंकि अभी सर्च ऑपरेशन और संपत्तियों का मूल्यांकन जारी है, इसलिए आय से अधिक संपत्ति के कुल आंकड़े का सटीक खुलासा नहीं हो पाया है. सतर्कता विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों का कहना है कि छापेमारी की प्रक्रिया पूरी होने के बाद जब्त की गई कुल बेनामी संपत्ति का आधिकारिक विवरण (Detailed Statement) जारी किया जाएगा. इस कार्रवाई से लोक निर्माण और सिंचाई विभागों से जुड़े अधिकारियों में हड़कंप मच गया है.