कुंदन कुमार/ पटना। ​बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने गुरुवार को वीर सावरकर की 143वीं जयंती के अवसर पर बिहार विधान परिषद में आयोजित एक विशेष कार्यक्रम में शिरकत की। इस दौरान उन्होंने सावरकर के जीवन पर आधारित एक नई पुस्तक का विमोचन किया। कार्यक्रम के बाद उन्होंने राज्य के विकास, प्रशासनिक जवाबदेही और राष्ट्रवाद पर अपनी स्पष्ट राय रखी।

​शिक्षा व्यवस्था में आमूलचूल परिवर्तन

​मुख्यमंत्री ने राज्य में शिक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता बताते हुए कहा कि बिहार के मॉडल स्कूलों को देश का सबसे उत्कृष्ट शिक्षण संस्थान बनाया जाएगा। उन्होंने आह्वान किया कि कॉन्वेंट और निजी स्कूलों में पढ़ रहे बच्चे मॉडल स्कूलों में दाखिला लें। सरकार की योजना हर ब्लॉक में मॉडल स्कूल खोलने की है ताकि जमीनी स्तर तक शिक्षा को मजबूती दी जा सके।

​भ्रष्टाचार और अपराध पर जीरो टॉलरेंस

​प्रशासनिक सख्ती का संकेत देते हुए सम्राट चौधरी ने स्पष्ट किया कि भ्रष्टाचार किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उन्होंने चेतावनी दी कि शॉर्टकट से कमाई करने वाले अधिकारियों की अब खैर नहीं है और भ्रष्टाचारियों का ठिकाना बेऊर जेल होगा। अपराधी चाहे किसी भी जाति का हो, पुलिस को उसे 48 घंटे के भीतर जवाबदेह बनाने का निर्देश दिया गया है। उन्होंने यह भी कहा कि बिहार को प्रगति की राह पर लाने के लिए हमें जातिगत मानसिकता से ऊपर उठना होगा।

​विरासत का संरक्षण और विकास की रूपरेखा

​सम्राट चौधरी ने बिहार की समृद्ध विरासत को सहेजने के लिए सभी अधिकारियों को हर महीने दो दिन गांव में प्रवास करने का निर्देश दिया है। उन्होंने बताया कि अपनी आगामी दिल्ली यात्रा के दौरान वे राष्ट्रपति से मुलाकात करेंगे और तिलका मांझी विश्वविद्यालय में तिलका मांझी की प्रतिमा के अनावरण का आग्रह करेंगे। राज्य के औद्योगिक विकास पर जोर देते हुए उन्होंने कहा कि बिहार की बड़ी आबादी को समृद्ध बनाने के लिए उद्योग जगत का सहयोग अपरिहार्य है।

​वीर सावरकर और राष्ट्रवाद की प्रेरणा

​वीर सावरकर को नमन करते हुए उन्होंने कहा कि सावरकर के राष्ट्रवाद के आदर्शों को बिहार में पूरी तरह लागू किया जाएगा। उन्होंने इतिहासकारों पर सावरकर के योगदान को दबाने का आरोप लगाया और सेल्युलर जेल को ब्रिटिश अत्याचार का प्रतीक बताया।
​अंत में उन्होंने प्रधानमंत्री मोदी के विकसित भारत और मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के समृद्ध बिहार के संकल्प को दोहराते हुए कहा कि भाजपा के लिए नेशन फर्स्ट ही एकमात्र मंत्र है। उन्होंने कांग्रेस पर आपातकाल के दौरान लोकतंत्र को नष्ट करने का आरोप लगाया। यह पुस्तक वीर सावरकर की जीवनी बिहार विधान परिषद के अवर सचिव अजय कुमार सिन्हा और बीएसएनएल के प्रधान महाप्रबंधक संजय कुमार सिन्हा द्वारा लिखी गई है।