राकेश चतुर्वेदी, भोपाल। अशोकनगर जिले में अवैध रेत उत्खनन और परिवहन का काला कारोबार थमने का नाम नहीं ले रहा है। ताजा मामला अशोकनगर के बेंहटा के पास सिंध नदी का है, जहां अवैध उत्खनन पर कार्रवाई करने पहुंची खनिज विभाग और पुलिस की संयुक्त टीम पर रेत माफियाओं ने हमला कर दिया। इस दौरान माफियाओं और सरकारी अधिकारियों के बीच तीखी बहस हुई, जो देखते ही देखते झूमाझटकी और में बदल गई। माफियाओं के इस दुस्साहस से प्रशासनिक अमले में हड़कंप मच गया है।
भारी हंगामा, बैकफुट पर आई टीम
जानकारी के अनुसार, खनिज विभाग को पता चला कि बेंहटा के पास सिंध नदी पर अवैध उत्खनन चल रहा है जब खनिज अधिकारी अपनी टीम और कुछ पुलिसकर्मियों के साथ मौके पर पहुंचे तो वहां से ट्रैक्टरों में अवैध रूप से ले जा रही थी। जैसे ही टीम ने वाहनों को जब्त करने की प्रक्रिया शुरू की, रेत माफिया और उनके गुर्गे वहां जमा हो गए। उन्होंने अधिकारियों को घेर लिया और कार्रवाई का विरोध करते हुए बदतमीजी शुरू कर दी। देखते ही देखते माफियाओं ने खनिज विभाग के कर्मचारियों और पुलिसकर्मियों के साथ झूमाझटकी शुरू कर दी और जबरन अपने वाहन छुड़ाकर भागने का प्रयास किया।
साठगांठ के आरोप
खनिज अधिकारी वीरेंद्र वर्मा के संरक्षण में फल-फूल रहा खेल। इस पूरी घटना ने जिले के खनिज विभाग की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। अशोकनगर जिले में अवैध रेत का यह काला कारोबार कोई चोरी-छिपे नहीं, बल्कि खनिज विभाग के आला अधिकारियों के संरक्षण में फल-फूल रहा है।

