कुंदन कुमार/ पटना। माले (CPI-ML) विधायक संदीप सौरव ने हालिया छात्र आंदोलन को लेकर एक स्पष्ट और कड़ा रुख अपनाया है। उन्होंने साफ कर दिया है कि वह पूरी मजबूती के साथ छात्रों के इस न्यायसंगत संघर्ष के साथ खड़े हैं। विधायक ने जोर देकर कहा कि छात्रों द्वारा केंद्रीय शिक्षा मंत्री और देश के गृह मंत्री अमित शाह के इस्तीफे की मांग पूरी तरह से जायज है और जब तक केंद्रीय शिक्षा मंत्री अपने पद से इस्तीफा नहीं देते, तब तक यह आंदोलन रुकने वाला नहीं है।
असामाजिक तत्वों की घुसपैठ पर पुलिस कार्रवाई की निंदा
आंदोलन के दौरान भड़की हिंसा और उपद्रव पर चिंता व्यक्त करते हुए संदीप सौरव ने कहा कि इस शांतिपूर्ण छात्र आंदोलन में कुछ बाहरी और असामाजिक तत्व चालाकी से घुस आए थे। इन्हीं तत्वों ने पुलिस पर पथराव जैसी घटनाओं को अंजाम दिया, जिसका मकसद छात्र आंदोलन को बदनाम करना और उसकी दिशा को भटकाना था। उन्होंने पुलिस प्रशासन से अपील की कि वह वास्तविक छात्रों को प्रताड़ित करने के बजाय केवल उन उपद्रवी तत्वों की पहचान कर सख्त कार्रवाई करे।
केंद्रीय मंत्रियों के इस्तीफे की मांग पर अड़े विधायक
विधायक ने कहा कि देश की मौजूदा शिक्षा व्यवस्था और व्यवस्थागत नाकामियों के खिलाफ छात्र आक्रोशित हैं। उनकी मांगें देश के भविष्य से जुड़ी हुई हैं, इसलिए सरकार को अहंकार छोड़कर उनकी मांगों पर गंभीरता से विचार करना चाहिए। संदीप सौरव ने चेतावनी भरे शब्दों में कहा कि जब तक केंद्रीय शिक्षा मंत्री अपने पद से इस्तीफा नहीं दे देते, तब तक छात्रों का यह कारवां और आंदोलन थमने वाला नहीं है। माले विधायक के इस बयान से एक बार फिर सियासी पारा चढ़ गया है और इस मुद्दे पर राजनीतिक सरगर्मी तेज हो गई है।


