निषाद पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष संजय निषाद ने निषाद समाज के आरक्षण की मांग को लेकर कहा कि इसके लिए उनका मंत्री पद भी ले लिया जाए तो उन्हें आपत्ति नहीं है। अयोध्या में उन्होंने पार्टी की चुनावी तैयारियों और निषाद समाज से जुड़े अन्य मुद्दों पर भी अपनी बात रखी।

अयोध्या। निषाद पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष और प्रदेश सरकार में कैबिनेट मंत्री डॉ. संजय निषाद ने सोमवार को निषाद समाज के आरक्षण को लेकर बड़ा बयान दिया। उन्होंने कहा कि समाज को आरक्षण मिल जाए तो इसके बदले उनका मंत्री पद भी ले लिया जाए, उन्हें कोई आपत्ति नहीं होगी। उन्होंने कहा कि निषाद पार्टी सत्ता या कुर्सी की भूखी नहीं है, बल्कि समाज के अधिकारों के लिए संघर्ष कर रही है।

सोमवार को अयोध्या के सर्किट हाउस सभागार में निषाद पार्टी की कार्यकर्ता एवं पदाधिकारी समीक्षा बैठक हुई। बैठक के बाद प्रेसवार्ता में डॉ. संजय निषाद ने आगामी विधानसभा चुनाव की तैयारियों की जानकारी दी।

उन्होंने बताया कि निषाद बाहुल्य जिलों में लगातार समीक्षा बैठकें की जा रही हैं। साथ ही निषाद बाहुल्य बूथों पर पार्टी के बूथ एजेंट तैनात करने की तैयारी भी चल रही है।

आरक्षण पर कायम

डॉ. संजय निषाद ने कहा कि निषाद पार्टी आज भी निषाद समाज के आरक्षण की मांग पर मजबूती से कायम है। भाजपा के साथ गठबंधन में होने के बावजूद पार्टी इस मांग को लगातार सरकार के सामने उठाती रही है।

उन्होंने कहा, “निषाद समाज को आरक्षण दे दो, बेशक हमारा मंत्री पद ले लो।” उन्होंने स्पष्ट किया कि पार्टी के लिए सत्ता से ज्यादा समाज के अधिकार महत्वपूर्ण हैं।

संजय निषाद के मुताबिक निषाद पार्टी निषाद समाज के मुद्दे को लेकर भाजपा के साथ गठबंधन में आई थी और आज भी कैबिनेट में समाज के मुद्दों की मजबूती से पैरवी कर रही है। उन्होंने कहा कि आरक्षण देने या न देने का फैसला केंद्र और राज्य सरकार के अधिकार क्षेत्र का विषय है, लेकिन निषाद पार्टी अपनी मांग को लेकर लगातार आवाज उठाती रहेगी।

पार्टी के सफर का जिक्र

संजय निषाद ने उन लोगों पर भी निशाना साधा, जो निषाद पार्टी से पिछले 10 साल का हिसाब मांग रहे हैं। उन्होंने कहा कि निषाद पार्टी का गठन वर्ष 2016 में हुआ था, इसलिए पार्टी से 10 साल का हिसाब मांगने वालों को पहले अपना इतिहास और भूगोल समझना चाहिए।

उन्होंने बताया कि 2017 के विधानसभा चुनाव में निषाद पार्टी ने अपने दम पर चुनाव लड़ा। वर्ष 2018 में गोरखपुर लोकसभा सीट के उपचुनाव में समाजवादी पार्टी और निषाद पार्टी का गठबंधन हुआ और चुनाव जीता गया।

इसके बाद 2019 के लोकसभा चुनाव में निषाद पार्टी भाजपा के साथ आई और संतकबीरनगर लोकसभा सीट से पार्टी के प्रत्याशी की जीत हुई। वर्ष 2022 में निषाद पार्टी गठबंधन के जरिए प्रदेश सरकार का हिस्सा बनी।

विपक्ष से मांगा हिसाब

डॉ. निषाद ने विपक्षी दलों पर निशाना साधते हुए कहा कि जो लोग आज निषाद पार्टी से सवाल कर रहे हैं, उन्हें पहले अपने कार्यकाल का हिसाब देना चाहिए। उन्होंने कहा कि कई नेता अलग-अलग समय में समाजवादी पार्टी, बहुजन समाज पार्टी, कांग्रेस और भाजपा की सरकारों में मंत्री और विधायक रहे हैं।

उन्होंने सवाल किया कि इतने लंबे समय तक सत्ता में रहने के बावजूद इन नेताओं ने निषाद समाज के अधिकारों और आरक्षण की मांग के लिए क्या किया। संजय निषाद ने दावा किया कि संसद से लेकर सड़क तक निषाद समाज की मांगों को मजबूती से उठाने का काम निषाद पार्टी कर रही है।

उन्होंने कहा कि भाजपा के साथ गठबंधन जरूर है, लेकिन समाज के मुद्दों पर पार्टी अपनी बात मजबूती से रखती है।

फूलन देवी की जांच

प्रेसवार्ता में संजय निषाद ने पूर्व सांसद फूलन देवी को उनकी जयंती पर याद किया। उन्होंने कहा कि निषाद पार्टी फूलन देवी के आदर्शों पर चलने वाली पार्टी है।

उन्होंने फूलन देवी की हत्या की सीबीआई जांच कराने की मांग की, ताकि उनकी मौत से जुड़ी सच्चाई जनता के सामने आ सके।