चंडीगढ़। पंजाब के कैबिनेट मंत्री संजीव अरोड़ा की गिरफ्तारी और रिमांड को चुनौती देने वाली याचिका पर आज पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट में सुनवाई हुई। हालांकि, लंबी बहस के बाद भी उन्हें अदालत से तत्काल कोई राहत नहीं मिली है। अब इस मामले की अगली सुनवाई 14 मई को तय की गई है।

संजीव अरोड़ा को पिछले शनिवार को प्रवर्तन निदेशालय ने गिरफ्तार किया था। इसके खिलाफ उन्होंने हाईकोर्ट में याचिका दायर कर पूरी आपराधिक कार्यवाही और FIR को रद्द करने की मांग की है। अरोड़ा की कानूनी टीम ने अदालत में दलील दी कि ईडी की यह कार्रवाई पूरी तरह से असंवैधानिक और कानून के खिलाफ है।

याचिका में रखे गए मुख्य पक्ष

बचाव पक्ष के वकीलों का तर्क है कि ईडी गिरफ्तारी के दौरान अनिवार्य कानूनी प्रावधानों का पालन करने में विफल रही और मंत्री को कानून के तहत मिलने वाली सुरक्षा प्रदान नहीं की गई।

याचिका में दावा किया गया है कि केंद्रीय एजेंसी की यह कार्रवाई राजनीतिक रूप से प्रेरित है और एजेंसी ने अपनी शक्तियों का दुरुपयोग किया है। कानूनी टीम ने अदालत के सामने कहा कि मूल एफआईआर और ईडी की रिपोर्ट दोनों ही कानूनी रूप से दोषपूर्ण हैं, जिससे यह गिरफ्तारी अपने आप में अवैध हो जाती है।