पश्चिम बंगाल के नए मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने ‘वंदे मातरम’ को लेकर बड़ा बयान दिया है. नंदीग्राम में आयोजित जनकल्याण शिविर से जनता को संबोधित करते हुए उन्होंने सीधे तौर पर सवाल उठाया कि जिन लोगों को ‘वंदे मातरम’ या राष्ट्रगान बोलने से दिक्कत है, उन्हें सरकारी योजनाओं का लाभ क्यों मिलना चाहिए? बता दें कि, बंगाल में अक्सर देखा गया है कि राज्य के मुसलमान वंदे मातरम को लेकर विरोध के स्वर उठाते रहे हैं. इसे वे अपने धार्मिक मूल्यों के खिलाफ बताते आये हैं. इसके साथ ही सीएम सुभेंदु ने अपने संबोधन में उन्होंने सरकारी योजनाओं में गड़बड़ी का आरोप लगाया और भर्ती परीक्षाओं को लेकर भी बड़ा दावा किया.

“जिन लोगों को ‘वंदे मातरम’ से परेशानी, उन्हें क्यों मिले सरकारी लाभ ?”

नंदीग्राम में लोगों को संबोधित करते हुए शुभेंदु अधिकारी ने कहा कि कुछ लोग अपने बच्चों को सरकारी स्कूलों में नहीं भेजते, बल्कि ऐसे संस्थानों में पढ़ाते हैं जहां ‘वंदे मातरम’ या राष्ट्रगान को लेकर आपत्ति होती है. उन्होंने कहा कि जब कुछ लोगों को ‘वंदे मातरम’ बोलने में परेशानी है, तो सरकारी लाभ को लेकर सवाल उठना स्वाभाविक है. इसी बात को ध्यान में रखते हुए कुछ जरूरी फॉर्म भरवाने की प्रक्रिया रखी गई है.

अपने भाषण में शुभेंदु अधिकारी ने सीमा सुरक्षा का भी जिक्र किया. उन्होंने कहा कि देश की सुरक्षा के लिए सीमाओं पर निगरानी बढ़ाई जा रही है. साथ ही जनगणना और भ्रष्टाचार पर कार्रवाई का काम भी जारी है. उन्होंने यह भी कहा कि कोई भी नहीं चाहेगा कि बांग्लादेश से आने वाले लोग सरकारी योजनाओं का फायदा उठाएं.

TMC सरकार में पुरुषों को मिल रहा था विधवा पेंशन

इस दौरान सीएम शुभेंदु ने तृणमूल कांग्रेस पर सरकारी पैसों के गलत इस्तेमाल का आरोप लगाया. उन्होंने दावा किया कि कई जगह पुरुषों को विधवा पेंशन का लाभ दिया गया. मुर्शिदाबाद के डोमकल इलाके में करीब 3500 फर्जी खाते मिले, जिनके जरिए अल्पसंख्यकों को छात्रवृत्ति का पैसा बांटा गया. हालांकि इन आरोपों पर TMC की तरफ से तत्काल कोई जवाब सामने नहीं आया है.

रोजगार योजना को लेकर भी उन्होंने बड़ा दावा किया. सीएम शुभेंदु ने कहा कि 1 जुलाई से 100 दिन के काम की जगह 125 दिन रोजगार देने की तैयारी की गई है. इसके लिए 8500 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है. उन्होंने ‘अन्नपूर्णा भंडार’ योजना का जिक्र करते हुए कहा कि लाखों लोगों के खातों में पैसा पहुंच चुका है.

भर्ती परीक्षाओं में गड़बड़ी रोकने को लेकर भी शुभेंदु अधिकारी ने नई व्यवस्था की बात कही. उन्होंने कहा कि अब सरकारी परीक्षा देने वाले उम्मीदवार अपनी OMR शीट और उत्तर पुस्तिका की कार्बन कॉपी घर ले जा सकेंगे. उनका कहना है कि इससे भर्ती प्रक्रिया ज्यादा पारदर्शी होगी और गड़बड़ी की गुंजाइश कम होगी.

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