पंकज श्रीवास्तव, छपरा। बिहार में बाहर है नीतीश कुमार है यह कहावत लगातार चर्चा में रहती थी, लेकिन निजाम बदलने के बाद भी अभी तक भ्रष्टाचार पर अंकुश लगाने के लिए कोई ठोस रणनीति नहीं बन पा रही है, चाहे वह किसी भी पार्टी की सरकार हो और कोई भी मुख्यमंत्री हो? सुशासन का दावा करने वाली सरकार आज भ्रष्टाचार पर नकेल लगाने पर विफल होती नजर आ रही है। सड़के पुल पुलिया लगातार ध्वस्त हो रहे हैं। और जो नई बन रहे हैं उसकी भी स्थिति बद से बद्तर है।
ध्वस्त होने के कगार पर कई पुल
आज कई बड़े पुल ध्वस्त हो चुके हैं या ध्वस्त होने के कगार पर है। क्योंकि भ्रष्टाचार कितना फल फूल रहा है कि इसके आगे सब बेकार है। जहां तक बिहार में पुल गिरने का सवाल है तो भागलपुर के अगवानी घाट का पुल दो बार गिर चुका है और अभी हाल फिलहाल विक्रमशिला सेतु भी ध्वस्त हो चुका है। स्थिति इतनी भयावह है, जिसकी कल्पना भी नहीं की जा सकती है कि कौन सा पुल किस वक्त ध्वस्त हो जाए? यह कहना मुश्किल है।
एप्रोच रोड से निकल रहा है पानी
बात की जाए बिहार में नए पुलों और राजमार्ग के निर्माण का तो उसकी भी एक बानगी सारण जिले के रिवील गंज प्रखंड के रामपुर भट्ट में देखने को मिल जाती है, जहां पर छपरा रिवीलगंज बाईपास का निर्माण हो रहा है और इस गांव में पुल और एप्रोच रोड बनाया जा रहा है। लेकिन एप्रोच रोड की स्थिति यह है कि वहां से इस कदर पानी निकल रहा है कि जैसे की बोरिंग किया गया हो। अभी जब यह स्थिति है तो पुल और एप्रोच रोड बनने के बाद क्या स्थिति होगी। यह तो आने वाला समय ही बताएगा।
ये भी पढ़ें- Bihar MLC Elections: उम्मीदवारी को लेकर आमने-सामने राबड़ी और तेजस्वी, 1 सीट के लिए इन दो नामों पर चर्चा

