सतीश सिंह, वाराणसी. उत्तर प्रदेश के लिए गर्व का क्षण है. वाराणसी स्थित प्राचीन बौद्ध स्थल सारनाथ को यूनेस्को (UNESCO) की विश्व धरोहर (World Heritage) सूची में शामिल कर लिया गया है. यह घोषणा यूनेस्को की विश्व धरोहर समिति (World Heritage Committee) के 48वें सत्र के दौरान की गई.

इस ऐतिहासिक उपलब्धि पर उत्तर प्रदेश के पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री जयवीर सिंह ने कहा कि सारनाथ का विश्व धरोहर सूची में शामिल होना पूरे प्रदेश और देश के लिए गौरव का विषय है. उन्होंने कहा कि भगवान बुद्ध की प्रथम धर्मोपदेश स्थली को मिला यह वैश्विक सम्मान भारत की समृद्ध सांस्कृतिक और आध्यात्मिक विरासत की अंतरराष्ट्रीय मान्यता है.

इसे भी पढ़ें : ‘जौहर यूनिवर्सिटी पर बुलडोजर चला तो सिर लगा देंगे’ इकरा हसन की चेतावनी से रामपुर में सियासी पारा हाई

मंत्री जयवीर सिंह ने कहा कि इस उपलब्धि से सारनाथ की वैश्विक पहचान और मजबूत होगी, विदेशी पर्यटकों की संख्या बढ़ेगी तथा स्थानीय स्तर पर पर्यटन, रोजगार और आर्थिक गतिविधियों को नई गति मिलेगी. साथ ही इस धरोहर के संरक्षण और विकास को भी अंतरराष्ट्रीय स्तर पर नई मजबूती मिलेगी.

सारनाथ वह पवित्र स्थल है, जहां भगवान बुद्ध ने बोधगया में ज्ञान प्राप्ति के बाद अपना पहला उपदेश देकर धर्मचक्र प्रवर्तन किया था. बौद्ध धर्म के अनुयायियों के लिए यह विश्व के सबसे महत्वपूर्ण तीर्थस्थलों में से एक माना जाता है. यूनेस्को की विश्व धरोहर सूची में शामिल होने के बाद सारनाथ को वैश्विक सांस्कृतिक मानचित्र पर और अधिक प्रतिष्ठा मिलने की उम्मीद है.