अविनाश श्रीवास्तव/​सासाराम/नोखा। मीडिया की संवेदनशीलता और त्वरित कार्रवाई का एक बेहतरीन उदाहरण सासाराम से सामने आया है। नोखा प्रखंड के खरारी गांव की निवासी दिव्यांग महिला भारती कुमारी, जो अपनी शारीरिक अक्षमता के कारण सड़क पर रेंगकर चलने को मजबूर थीं, को अब सम्मानजनक जीवन जीने का सहारा मिल गया है। खबर प्रकाशित होने के कुछ ही घंटों के भीतर जिला प्रशासन ने सक्रियता दिखाते हुए महिला को ट्राई-साइकिल उपलब्ध करा दी।

​डीएम उदिता सिंह ने लिया तत्काल संज्ञान

​भारती कुमारी की हृदय विदारक स्थिति की खबर जैसे ही सोशल मीडिया और मुख्यधारा की मीडिया में प्रमुखता से चली, सासाराम की जिलाधिकारी उदिता सिंह ने इसका तत्काल संज्ञान लिया। डीएम ने दिव्यांगजन सशक्तिकरण निदेशालय के सहायक निदेशक को कठोर निर्देश दिए कि वे अविलंब इस मामले की जांच करें। निर्देशानुसार, सामाजिक सुरक्षा कोषांग को यह सुनिश्चित करने को कहा गया कि महिला को न केवल ट्राई-साइकिल मिले, बल्कि सरकार द्वारा संचालित अन्य कल्याणकारी योजनाओं का लाभ भी अविलंब प्राप्त हो।

प्रशासनिक सक्रियता और तत्काल राहत

​खबर के प्रसारण के बाद पूरा जिला प्रशासन हरकत में आ गया। नोखा अंचल और स्थानीय प्रशासन की टीम ने तत्परता दिखाते हुए खरारी गांव में महिला की तलाश की। प्रशासनिक अधिकारियों ने मानवीय दृष्टिकोण अपनाते हुए सरकारी गाड़ी भेजी और भारती कुमारी को सुरक्षित नोखा स्थित सहयोग शिविर में लाया।
​शिविर में पहुंचने के कुछ ही घंटों के भीतर उन्हें ट्राई-साइकिल प्रदान की गई। इसके साथ ही, सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए उन्हें हेलमेट भी दिया गया। ट्राई-साइकिल मिलने के बाद भारती कुमारी के चेहरे पर जो मुस्कान आई, वह इस पहल की सफलता को दर्शा रही थी।

​अन्य योजनाओं का भी मिलेगा लाभ

​प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि ट्राई-साइकिल देना केवल एक शुरुआत है। जिलाधिकारी ने आश्वासन दिया है कि सामाजिक सुरक्षा की जो भी अन्य योजनाएं दिव्यांगजनों के लिए निर्धारित हैं, उन सभी का लाभ भारती कुमारी को प्राथमिकता के आधार पर दिया जाएगा। पेंशन, राशन और स्वास्थ्य संबंधी अन्य सुविधाएं उन तक जल्द पहुंचाई जाएंगी।
​मीडिया के माध्यम से उठी एक आवाज ने न केवल एक दिव्यांग महिला की आत्मनिर्भरता का मार्ग प्रशस्त किया, बल्कि यह भी सिद्ध कर दिया कि सही समय पर प्रशासन की तत्परता किसी के जीवन में बड़ा सकारात्मक बदलाव ला सकती है। स्थानीय ग्रामीणों और बुद्धिजीवियों ने प्रशासन की इस त्वरित कार्रवाई की जमकर सराहना की है।