अविनाश श्रीवास्तव, रोहतास। सासाराम नगर थाना क्षेत्र में बीते 7 अप्रैल 2026 को एक युवती के अचानक गायब होने का मामला सामने आया था। शुरुआत में स्थानीय पुलिस इसे महज एक साधारण गुमशुदगी मानकर तलाश कर रही थी। हालांकि, जैसे-जैसे पुलिस ने तकनीकी अनुसंधान और गहन छानबीन को आगे बढ़ाया, मामले की एक डरावनी और सनसनीखेज सच्चाई सामने आई। पुलिस को पता चला कि यह मामला सिर्फ गायब होने का नहीं, बल्कि एक संगठित मानव तस्करी गिरोह का है, जिसने भोली-भाली लड़कियों को अपना निशाना बनाया है।

​कम लिंगानुपात का फायदा उठा रहा सक्रिय गिरोह

​मामले का खुलासा करते हुए सासाराम के एसडीपीओ-1 विप्लव कुमार ने एक बड़ा और चिंताजनक बयान दिया है। उन्होंने बताया कि जिन राज्यों में लिंगानुपात काफी कम है, वहां के लोग शादी के लिए उत्तर प्रदेश और बिहार जैसे राज्यों में अपनी तलाश पूरी कर रहे हैं। इस सामाजिक असंतुलन का फायदा उठाने के लिए कुछ स्थानीय और बाहरी अपराधी गिरोह सक्रिय हो गए हैं। ये गिरोह सुनियोजित साजिश के तहत यहां की मासूम लड़कियों को अपने जाल में फंसाते हैं और उन्हें दूसरे प्रांतों में ले जाकर बेच देते हैं।

​पुलिस की कार्रवाई और आगे की रणनीति

​गुप्त सूचना और तकनीकी सर्विलांस के आधार पर सासाराम नगर थाने की एक विशेष पुलिस टीम ने राजस्थान के लिए तुरंत प्रस्थान किया। राजस्थान पुलिस के सहयोग से झालावाड़ जिले के बकानी थाना क्षेत्र के नानौर गांव में छापेमारी कर दोनों आरोपियों तूफानी सिंह और पिंटू राठौर को धर दबोचा गया। पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए पीड़ित युवती को भी तस्करों के चंगुल से मुक्त करा लिया है।
​फिलहाल, पुलिस इस पूरे सिंडिकेट की जड़ों तक पहुंचने के लिए गिरफ्तार आरोपियों से कड़ी पूछताछ कर रही है। सासाराम पुलिस का दावा है कि इस मानव तस्करी नेटवर्क में शामिल अन्य सहयोगियों को भी बहुत जल्द गिरफ्तार कर लिया जाएगा ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं पर लगाम लगाई जा सके।