अविनाश श्रीवास्तव, सासाराम। अनुमंडल क्षेत्र के अगरेर थाना क्षेत्र स्थित मोकर गांव से एक बड़ी खबर सामने आई है। यहां संचालित राजकीय अन्य पिछड़ा वर्ग (OBC) कन्या आवासीय प्लस टू विद्यालय की सात छात्राएं अचानक तेज गर्मी और उमस के कारण बेहोश हो गईं। इस घटना के बाद पूरे स्कूल परिसर में हड़कंप मच गया और शिक्षकों तथा प्रबंधन के हाथ-पांव फूल गए। आनन-फानन में बिना देर किए स्कूल के शिक्षकों ने सभी बीमार बच्चियों को इलाज के लिए सासाराम के सदर अस्पताल पहुंचाया, जहां ट्रामा सेंटर में डॉक्टरों की देखरेख में उनका तुरंत इलाज शुरू किया गया।
उमस भरी गर्मी बनी मुख्य वजह
विद्यालय प्रशासन और स्थानीय सूत्रों से प्राप्त जानकारी के अनुसार, इन दिनों क्षेत्र में भीषण गर्मी के साथ-साथ काफी उमस भरा मौसम बना हुआ है। मौसम के इसी अचानक बदलाव और अत्यधिक उमस के कारण स्कूल की ये सात बच्चियां अचानक गश खाकर बेहोश हो गईं। इतनी बड़ी संख्या में एक साथ छात्राओं की तबीयत बिगड़ने से स्कूल में अफरा-तफरी का माहौल कायम हो गया। हालांकि, शिक्षकों की सूझबूझ और समय पर अस्पताल पहुंचाने के कारण एक बड़ा हादसा टल गया।
डॉक्टरों ने दी राहत, स्थिति सामान्य
सासाराम सदर अस्पताल के ट्रामा सेंटर में तैनात चिकित्सकों ने सभी सातों बच्चियों का तुरंत स्वास्थ्य परीक्षण किया और आवश्यक प्राथमिक उपचार (फर्स्ट एड) मुहैया कराया। डॉक्टरों की त्वरित कार्रवाई और इलाज के बाद सभी छात्राओं की स्थिति पूरी तरह सामान्य बताई जा रही है। अस्पताल से हरी झंडी मिलने के बाद प्राथमिक उपचार के बाद सभी छात्राओं को सुरक्षित रूप से वापस उनके स्कूल भेज दिया गया है, जिससे अभिभावकों और स्कूल प्रबंधन ने बड़ी राहत की सांस ली है।
लगातार सामने आ रही हैं ऐसी घटनाएं
आपको बता दें कि यह कोई पहली बार नहीं है जब इस प्रकार का मामला सामने आया हो। स्थानीय लोगों और रिपोर्ट के अनुसार, भीषण गर्मी और उमस के मौसम के कारण आए दिन इस ओबीसी कन्या आवासीय विद्यालय की छात्राओं के बीमार होने की सूचना मिलती रहती है। इस तरह की लगातार घटनाएं स्कूल परिसर में बुनियादी सुविधाओं, वेंटिलेशन और अत्यधिक गर्मी से बचाव के पुख्ता इंतजामों पर एक बड़ा सवालिया निशान खड़ा करती हैं।
अभिभावकों और स्थानीय बुद्धिजीवियों का कहना है कि आवासीय विद्यालयों में पढ़ने वाले बच्चों की सेहत को लेकर प्रशासन को और अधिक गंभीर होने की आवश्यकता है। भीषण गर्मी के इस दौर में कक्षाओं और परिसरों में कूलर, पंखे या उचित हवा-पानी के पर्याप्त इंतजाम होना बेहद जरूरी है, ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो सके और नौनिहाल सुरक्षित रह सकें।


