अविनाश श्रीवास्तव/सासाराम/राजपुर। रोहतास जिले के राजपुर थाना क्षेत्र स्थित कपसिया गांव में एक कांड के आरोपी की गिरफ्तारी के दौरान हुई घटना ने तूल पकड़ लिया है। आरोपी शुभम कुमार उर्फ टुन्ना के गंभीर रूप से घायल होने के बाद पुलिस और उसके परिजनों के बीच दावों का विरोधाभास सामने आया है।
क्या है पूरा मामला?
घटना 28 मार्च 2026 को कपसिया गांव में हुए जानलेवा हमला एवं मारपीट के मामले से जुड़ी है। इस मामले में शुभम कुमार उर्फ टुन्ना नामजद आरोपी था। इसी मामले में कार्रवाई करते हुए राजपुर थाना की पुलिस टीम शुभम को गिरफ्तार करने के लिए उसके घर पहुंची थी। इसी दौरान शुभम गंभीर रूप से घायल हो गया।
पुलिस का पक्ष: भागने के दौरान छत से कूदा आरोपी
पुलिस का आधिकारिक बयान है कि जैसे ही पुलिस टीम ने शुभम को घेरने की कोशिश की, उसने खुद को बचाने के लिए भागने का प्रयास किया। पुलिस के अनुसार हड़बड़ाहट में शुभम छत से नीचे कूद गया जिसके कारण उसके कमर और हाथ में गंभीर चोटें आई हैं। उसे तुरंत इलाज के लिए सासाराम सदर अस्पताल में भर्ती कराया गया।
परिजनों का आरोप: पुलिस की बर्बरता का शिकार हुआ शुभम
वहीं घायल के बहनोई विकास कुमार ने पुलिस के दावों को पूरी तरह खारिज कर दिया है। उनका स्पष्ट आरोप है कि पुलिस जब उसे गिरफ्तार करने आई तो उन्होंने शुभम के साथ बेरहमी से मारपीट की। परिजनों का कहना है कि उसे बुरी तरह पीटा गया है, जिसके कारण उसकी स्थिति गंभीर है।
इलाज पर भी विवाद: हायर सेंटर रेफर करने की मांग
परिजनों ने पुलिस पर लापरवाही का गंभीर आरोप लगाया है। विकास का कहना है कि सदर अस्पताल के ट्रॉमा सेंटर में तैनात डॉक्टरों ने शुभम की गंभीर स्थिति को देखते हुए उसे बेहतर इलाज के लिए किसी हायर सेंटर रेफर कर दिया था। इसके बावजूद पुलिस उसे डिस्चार्ज नहीं करा रही है और अपनी कस्टडी में रखकर सदर अस्पताल में ही इलाज करवा रही है। परिजन अपने स्तर पर उसे इलाज के लिए कहीं और ले जाने की जिद पर अड़े हैं।
डॉक्टरों ने क्या कहा?
सदर अस्पताल में इलाज कर रहे डॉक्टर संजय कुमार ने घायल की स्थिति पर जानकारी देते हुए बताया कि शुभम के शरीर पर चोट के स्पष्ट निशान मौजूद हैं। फिलहाल अस्पताल में उसका इलाज चल रहा है लेकिन स्थिति तनावपूर्ण बनी हुई है। पुलिस अब पूरे मामले की जांच कर रही है कि वास्तव में घटनाक्रम क्या था।

