अविनाश श्रीवास्तव/​सासाराम: ऐतिहासिक शहर सासाराम इन दिनों भीषण गर्मी और लू की चपेट में है। पिछले कुछ दिनों से सूर्य की तपिश इतनी बढ़ गई है कि सुबह होते ही आग बरसाना शुरू कर देता है। बुधवार को जिले का अधिकतम तापमान 44 से 45 डिग्री सेल्सियस के बीच दर्ज किया गया जिससे आम जनजीवन पूरी तरह से प्रभावित हो गया है। उमस भरी गर्मी ने लोगों का जीना मुहाल कर दिया है।

​दिन और रात में भी नहीं मिल रही राहत

​भीषण गर्मी का आलम यह है कि दिन में तो घर से निकलना एक चुनौती बन गया है लेकिन रात के समय भी तापमान में कोई विशेष गिरावट नहीं देखी जा रही है। गर्म हवाएं (लू) चलने के कारण वातावरण में तपन बनी रहती है, जिससे लोगों को चैन की नींद भी नसीब नहीं हो रही। बाहर निकलना तो दूर, लोग घरों के अंदर भी पंखों और कूलर के सामने बेहाल नजर आ रहे हैं।

​स्कूल जाने वाले बच्चे और कामकाजी वर्ग सर्वाधिक प्रभावित

​सबसे अधिक परेशानी उन बच्चों को हो रही है जो स्कूल से लौट रहे हैं। चिलचिलाती धूप में पैदल या ऑटो-रिक्शा में घर लौटते मासूम बच्चों के चेहरे मुरझाए हुए दिख रहे हैं। वहीं, रोजी-रोटी की तलाश में घर से निकलने वाले लोग अस्पताल जाने वाले मरीज और कोचिंग-ट्यूशन पढ़ने वाले छात्रों के लिए यह मौसम किसी परीक्षा से कम नहीं है। सड़क पर चलते ही लोग पसीने से तरबतर हो जा रहे हैं, जिसके कारण सड़कों पर सन्नाटा पसरा रहता है।

​डॉक्टरों की सलाह: सावधानी ही बचाव है

  • ​स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने इस भीषण गर्मी को देखते हुए लोगों के लिए गाइडलाइन जारी की है। स्थानीय चिकित्सकों का कहना है कि हीट स्ट्रोक और डिहाइड्रेशन से बचने के लिए सतर्कता बरतना बेहद जरूरी है।
  • ​तरल पदार्थ का सेवन बढ़ाएं: दिनभर में खूब पानी पिएं। इसके अलावा ओआरएस (ORS) का घोल, नींबू पानी, और लस्सी का सेवन करें।
  • ​खान-पान में बदलाव: डाइट में खीरा, ककड़ी, तरबूज और खरबूजा जैसे पानी की मात्रा वाले फलों को शामिल करें।
  • ​बाहर निकलने से बचें: बहुत जरूरी काम होने पर ही घर से बाहर निकलें। यदि बाहर जाना अनिवार्य हो, तो सिर ढककर रखें और शरीर को पूरी तरह ढके हुए सूती कपड़े पहनें।

​फिलहाल, सासाराम के लोग जल्द ही मानसून की बारिश और गर्मी से राहत मिलने की प्रार्थना कर रहे हैं। प्रशासन ने भी लोगों से अपील की है कि वे दोपहर के समय घर से बाहर न निकलें।