पटना। बिहार में भ्रष्टाचार के खिलाफ निगरानी अन्वेषण ब्यूरो ने एक बड़ी कार्रवाई को अंजाम दिया है। भवन निर्माण विभाग के सुपरिटेंडेंट इंजीनियर सत्येंद्र कुमार चौधरी के खिलाफ आय से अधिक संपत्ति का मामला दर्ज किया गया है। बुधवार को पटना, फुलवारीशरीफ, एजी कॉलोनी और पूर्णिया सहित उनके चार ठिकानों पर एक साथ छापेमारी की गई, जिसमें अकूत संपत्ति का खुलासा हुआ है।
करोड़ों की अवैध संपत्ति
छापेमारी के दौरान इंजीनियर के ठिकानों से अकूत चल और अचल संपत्ति बरामद हुई है। निगरानी ब्यूरो के अनुसार:
- आलीशान बंगला: पटना के एम्स के पीछे फुलवारीशरीफ में एक पांच मंजिला आलीशान मकान मिला है, जिसमें लिफ्ट, 10 एसी, सोलर पैनल और महंगे फर्नीचर लगे हैं।
- जमीन और फ्लैट: नौबतपुर-दानापुर इलाके में 7 प्लॉट (जिनमें नौबतपुर में 74 डिसमिल के चार और दानापुर में 7.18 डिसमिल का एक प्लॉट शामिल है) तथा ग्रेटर नोएडा में एक फ्लैट की जानकारी मिली है।
- पारिवारिक नाम पर निवेश: इंजीनियर ने यह तमाम अचल संपत्तियां अपनी पत्नी उषा देवी और सास के नाम पर साल 2011 से 2025 के बीच खरीदी हैं।
- आकलन: निगरानी ने अचल संपत्ति की कीमत 3.60 करोड़ रुपए और चल संपत्ति का मूल्य 26 लाख रुपए आंका है। कुल मिलाकर 1 करोड़ 97 लाख 58 हजार 70 रुपए की आय से अधिक संपत्ति का मामला दर्ज किया गया है, जो उनकी वैध आय से 68 प्रतिशत अधिक है।
हाल ही में हुए थे प्रमोट और ट्रांसफर
सत्येंद्र कुमार चौधरी मूल रूप से धनरुआ के भदौरा के रहने वाले हैं। जुलाई 2026 में ही वे एग्जीक्यूटिव इंजीनियर से प्रमोट होकर सुपरिटेंडेंट इंजीनियर बने थे। प्रमोशन के बाद उनका तबादला पटना से पूर्णिया कर दिया गया था। पूर्णिया में भी उनके घर और दफ्तर पर सुबह 7 बजे दो डीएसपी (संतोष कुमार और बिनोद कुमार) के नेतृत्व में 9 सदस्यीय टीम ने एक साथ छापेमारी की।

दस्तावेजों की हो रही है गहन छानबीन
विजिलेंस टीम को छापेमारी के दौरान संपत्ति से जुड़े कई महत्वपूर्ण दस्तावेज, बैंक खातों के विवरण, निवेश के कागजात और अन्य वित्तीय रिकॉर्ड हाथ लगे हैं। अधिकारी इन दस्तावेजों की बारीकी से जांच कर रहे हैं ताकि संपत्ति के असली स्रोत और आय के बीच के अंतर का पूरी तरह से सत्यापन किया जा सके। साथ ही, पारिवारिक खातों के जरिए हुए संदिग्ध लेन-देन की भी गहन पड़ताल जारी है।



