नीरज काकोटिया, बालाघाट। मध्य प्रदेश के बालाघाट में शासकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय कायदी में तैनात लेखापाल वोमेंद्र कुमार रोकड़े को 4000 रुपये की रिश्वत लेते हुए लोकायुक्त टीम ने रंगे हाथ गिरफ्तार कर लिया। यह कार्यवाही जबलपुर लोकायुक्त इकाई द्वारा की गई।
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जानकारी के अनुसार, विद्यालय में सहायक शिक्षक पद पर कार्यरत नरेंद्र कुमार डोहरे की जुलाई 2017 से दिसंबर 2023 तक की वेतन विसंगति के एरियर की राशि 94,085 रुपये थी। इसमें से 66,557 रुपये पहले ही उन्हें मिल चुके थे, लेकिन शेष बची 27,528 रुपये की राशि निकालने के लिए लेखापाल वोमेंद्र कुमार रोकड़े ने 4000 रुपये रिश्वत की मांग की थी। पीड़ित शिक्षक नरेंद्र कुमार डोहरे ने इसकी शिकायत जबलपुर लोकायुक्त कार्यालय में दर्ज कराई। शिकायत की सत्यापन के बाद आज 24 जून को लोकायुक्त टीम ने ट्रैप कार्यवाही करते हुए आरोपी लेखापाल को वारासिवनी स्थित शा. उ. मा. वि. कायदी के शिक्षक कक्ष में रिश्वत की रकम लेते हुए गिरफ्तार कर लिया।
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लोकायुक्त निरीक्षक राहुल गजभिए, निरीक्षक जितेंद्र यादव एवं उनकी टीम द्वारा यह सफल कार्यवाही अंजाम दी गई। आरोपी वोमेंद्र कुमार रोकड़े के विरुद्ध भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम 1988 (संशोधन 2018) की धारा 7, 13(1)(क) एवं 13(2) के तहत मामला दर्ज कर आगे की कार्रवाई की जा रही है। यह घटना सरकारी विभागों में व्याप्त भ्रष्टाचार की एक और मिसाल है, जहां कर्मचारियों के बकाए एरियर की राशि निकलवाने के लिए भी रिश्वत मांगी जा रही है।
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