शिखिल ब्यौहार, भोपाल। मध्यप्रदेश (MP) में स्कूल ड्रॉपआउट रेट घटा है। नीति आयोग की रिपोर्ट में यह खुलासा हुआ है। प्रदेश के प्राइमरी स्कूल में एक दशक में ड्रॉप आउट रेट गिरा है। एक दशक में रेट 10.14 से शून्य हुआ है।
10 मई महाकाल भस्म आरती: भगवान महाकालेश्वर का दिव्य चंद्र श्रृंगार, यहां कीजिए दर्शन
463 स्कूलों में एक भी छात्र नहीं
क्लास 9-10 में हर 100 में से 17 बच्चे पढ़ाई छोड़ रहे है। 31% बच्चे 11वीं तक नहीं पहुंच रहे। 10वीं से 11वीं का MP में ट्रांजिशन रेट 68.9% है। प्रदेश के 463 स्कूलों में एक भी छात्र नहीं है। 52 हजार से ज्यादा टीचर्स के पद खाली है। 90% पद प्राइमरी स्कूलों में खाली है। 45.7% स्कूलों में इंटरनेट की सुविधा है। महज 19.6% स्कूलों में स्मार्ट क्लास है।
MP Weather Update: एमपी में फिर बदला मौसम, 12 मई से लू का अलर्ट, आंधी-बारिश के बाद अब तपेगा प्रदेश
टीचर्स क्वालिटी पर भी उठे रिपोर्ट में सवाल
MP, झारखंड और ओडिशा को लेकर रिपोर्ट में चिंताजनक आंकड़े है। साथ ही टीचर्स ई प्रोजेक्ट में अपने ही विषय में 60-70% भी नहीं ला पाए। नीति आयोग का मानना है कि टीचर्स ड्यूटी का 14% हिस्सा चुनाव, सर्वे और मिड डे मील जैसी ड्यूटी में लगाते हैं।

