हेमंत शर्मा, इंदौर। शहर में पुलिस की छवि पर सवाल खड़े करने वाला एक मामला सामने आया है। क्राइम ब्रांच में पदस्थ आरक्षक रेणुका वरकिया और उनके परिवार पर एक व्यापारी ने गंभीर आरोप लगाए हैं। शिकायतकर्ता का दावा है कि महिला आरक्षक ने अपने पुलिस पद का रौब दिखाते हुए पति, ससुर और अन्य परिजनों के साथ मिलकर न सिर्फ विवाद किया, बल्कि चाकू, हॉकी और डंडों के साथ डराने-धमकाने की कोशिश भी की। पीड़ित ने पूरे घटनाक्रम के सीसीटीवी फुटेज और अन्य दस्तावेज पुलिस कमिश्नर को सौंप दिए हैं।शिकायत मिलने के बाद पुलिस कमिश्नर ने मामले की गंभीरता को देखते हुए जांच के आदेश जारी करते हुए पूरा प्रकरण एडीसीपी मल्हारगंज को भेज दिया है।
‘खाकी’ पर सवाल, हथियार लहराने का आरोप
शिकायतकर्ता व्यापारी शेखर ठाकुर का आरोप है कि 17 जनवरी 2026 को मल्हारगंज थाना क्षेत्र में हुए विवाद के दौरान महिला आरक्षक के परिवार ने चाकू, हॉकी और डंडों के साथ हमला करने का प्रयास किया। उनका दावा है कि घटना के दौरान महिला आरक्षक ने अपने ससुर से धारदार चाकू निकलवाकर हवा में लहरवाया, जिससे पूरे इलाके में दहशत का माहौल बन गया। व्यापारी का कहना है कि पूरी घटना सीसीटीवी कैमरों में कैद है।
‘फुटेज होने के बावजूद नहीं हुई एफआईआर’
पीड़ित का आरोप है कि घटना के बाद पुलिस ने उनका मेडिकल तो कराया, लेकिन एफआईआर दर्ज करने के बजाय केवल एनसीआर दर्ज की। शिकायतकर्ता का कहना है कि सीसीटीवी फुटेज मौजूद होने के बावजूद कार्रवाई नहीं की गई और बाद में महिला आरक्षक ने उन्हीं के खिलाफ झूठा मामला दर्ज करा दिया।
हाईकोर्ट में भी पहुंचा मामला
पीड़ित पक्ष के अधिवक्ता कृष्ण कुमार कुन्हारे का कहना है कि इस मामले में हाईकोर्ट में याचिका दायर की गई है, जिस पर सुनवाई के दौरान पुलिस से रिपोर्ट तलब की गई है। वहीं अधिवक्ता डॉ. रूपाली राठौर का कहना है कि यदि कोई पुलिसकर्मी अपने पद की गरिमा के विपरीत आचरण करता है तो उसके खिलाफ विभागीय कार्रवाई का प्रावधान है। फिलहाल पुलिस कमिश्नर के निर्देश पर एडीसीपी मल्हारगंज मामले की जांच करेंगे। जांच में सीसीटीवी फुटेज, दोनों पक्षों के बयान और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई तय होगी।
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