Technology Desk: भारत के मजबूत डिजिटल पेमेंट नेटवर्क UPI से जुड़ने की विदेशी कंपनियों की कोशिशों के बीच सरकार ने एक अहम प्रस्ताव को फिलहाल रोक दिया है। सिंगापुर स्थित Ant International के डिजिटल पेमेंट प्लेटफॉर्म Alipay+ ने UPI के जरिए क्रॉस-बॉर्डर पेमेंट शुरू करने का प्रस्ताव दिया था। हालांकि, राष्ट्रीय सुरक्षा और डेटा की सुरक्षा से जुड़ी चिंताओं के कारण इस प्रस्ताव को फिलहाल होल्ड पर रखा गया है।
जनवरी में दिया गया था प्रस्ताव
रिपोर्ट्स के मुताबिक, Alipay+ ने जनवरी में UPI के साथ जुड़ने का प्रस्ताव दिया था। इसका उद्देश्य भारत और दूसरे देशों के बीच होने वाले डिजिटल पेमेंट को आसान बनाना था।
अगर इस प्रस्ताव को मंजूरी मिलती तो Alipay+ नेटवर्क से जुड़े विदेशी ऐप्स के जरिए भारतीय UPI सिस्टम पर पेमेंट करना संभव हो सकता था। इससे भारत के डिजिटल पेमेंट नेटवर्क की अंतरराष्ट्रीय पहुंच और बढ़ती।
डेटा सुरक्षा बनी सबसे बड़ी चिंता
सरकार और संबंधित एजेंसियों की मुख्य चिंता राष्ट्रीय सुरक्षा और डेटा की सुरक्षा को लेकर बताई जा रही है। अधिकारियों ने यह सवाल उठाया कि ट्रांजैक्शन के दौरान भारतीय यूजर्स का वित्तीय और निजी डेटा कहां स्टोर होगा और उसकी सुरक्षा कैसे सुनिश्चित की जाएगी।
आशंका यह भी जताई गई कि संवेदनशील वित्तीय जानकारी किसी थर्ड पार्टी या दूसरे देश तक पहुंच सकती है। इसी वजह से प्रस्ताव को मंजूरी देने से पहले सुरक्षा से जुड़े सवालों की समीक्षा की जा रही है।
Alipay+ का चीन से संबंध भी बना वजह
Alipay+ का संचालन सिंगापुर स्थित Ant International करती है। यह कंपनी चीन के Ant Group के फिनटेक कारोबार से जुड़ी रही है और 2024 में इसे अलग इकाई के तौर पर स्थापित किया गया था।
हालांकि कंपनी सिंगापुर से स्वतंत्र रूप से काम करने का दावा करती है, लेकिन भारतीय एजेंसियों के लिए इसके चीनी मूल और पुराने कारोबारी संबंध भी चिंता का विषय हैं।
फिलहाल सरकार ने Alipay+ के UPI इंटीग्रेशन को मंजूरी नहीं दी है। प्रस्ताव पर आगे फैसला सुरक्षा, डेटा स्टोरेज और अन्य नियामकीय पहलुओं की समीक्षा के बाद लिया जा सकता है।
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