अजयारविंद नामदेव, शहडोल। देश भर में नीट परीक्षा में धांधली और छात्रों के अधिकारों का संघर्ष अभी थमा भी नहीं है कि मध्य प्रदेश के शहडोल जिले से सरकारी शिक्षा व्यवस्था की पोल खोलती एक शर्मनाक तस्वीर सामने आई है। जिले के ब्यौहारी विकासखंड स्थित शासकीय प्राथमिक विद्यालय कोलान कुआं में मासूम नौनिहाल पढ़ाई करने नहीं बल्कि स्कूल का ताला खोलने और झाड़ू-पोछा करने को मजबूर हैं।
शिक्षक गायब, बच्चों के कंधों पर स्कूल खोलने और सफाई तक की जिम्मेदारी
जिले के अंतिम छोर पर स्थित इस प्राथमिक विद्यालय में शिक्षा विभाग की भारी लापरवाही और प्रसासनिक अनदेखी का आलम यह है कि शिक्षक समय पर स्कूल पहुंचते ही नहीं है।
खुद खोलते हैं ताला: स्थानीय बच्चों का आरोप है कि वे रोजाना खुद स्कूल आकर मुख्य द्वार का ताला खोलते हैं।
हाथों में किताबों की जगह झाड़ू: सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे वीडियो में मासूम बच्चे हाथों में झाड़ू लेकर पूरे स्कूल परिसर की साफ-सफाई करते नजर आ रहे हैं।
11 बजे आते हैं मास्टर साहब: छात्रों का कहना है कि शिक्षक अक्सर सुबह 11 बजे के आसपास आराम से स्कूल पहुंचते हैं। तब तक बच्चों का कीमती पढ़ाई का समय बर्बाद हो चुका होता है।
सरकारी दावों की निकली हवा, उठ रहे गंभीर सवाल
जिस उम्र में बच्चों के हाथों में कॉपियां-किताबें होनी चाहिए, उस उम्र में उनसे मजदूरी और सफाई कराई जा रही है। वायरल वीडियो ने शिक्षा विभाग की मॉनिटरिंग और दावों की पूरी तरह हवा निकाल दी है।
व्यवस्थाओं पर उठ रहे सवाल
क्या जिम्मेदार अधिकारियं की निगरानी केवल कागजों तक सीमित है? आखिर क्यों शिक्षक अपनी मनमर्जी से ड्यूटी पर आते हैं और मासूमों को स्कूल में झाड़ू उठानी पड़ती है? वीडियो वायरल होने के बाद अब स्थानीय लोगों ने लापरवाह शिक्षकों और जिम्मेदार अधिकारियों पर सख्त कार्रवाई की मांग की है।
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