अजयारविंद नामदेव, शहडोल। अनाथ युवती से जमीन संबंधी काम और जाति प्रमाण-पत्र बनवाने के एवज में रिश्वत मांगने, 15 हजार रुपए नकद लेने तथा व्हाट्सऐप पर कथित अश्लील बातचीत कर होटल बुलाने के गंभीर आरोपों से घिरे पटवारी आशीष सोनकर पर आखिरकार प्रशासन ने कार्रवाई कर दी है। लल्लूराम डॉट कॉम ने मामले को प्रमुखता से उठाया जिसके बाद जिला प्रशासन ने संज्ञान लेते हुए पटवारी को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है।
15 हजार नकद लिए, काम के बदले मांगी अश्लील ‘फेवर’
आशीष सोनकर तत्कालीन पटवारी हल्का चांपा में पदस्थ थे और वर्तमान में पतखई/बमुरा हलके का प्रभार संभाल रहे थे।उनके खिलाफ एक युवती ने कलेक्टर शहडोल के समक्ष शिकायत करते हुए आरोप लगाया था कि जमीन संबंधी काम और जाति प्रमाण-पत्र बनवाने के लिए उससे 20 हजार रुपए की मांग की गई। जिसमें 15 हजार रुपए नकद दिए गए, इसके साथ ही युवती ने पटवारी पर व्हाट्सऐप के जरिए आपत्तिजनक बातचीत करने और काम के बदले होटल बुलाने जैसे गंभीर आरोप लगाए थे।
साक्ष्य पेश, नोटिस का नहीं दिया जवाब तो हुई कार्रवाई
मामले में शिकायतकर्ता द्वारा कथित व्हाट्सऐप चैट, स्क्रीनशॉट और अन्य इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्य भी प्रस्तुत किए गए थे। शिकायत के बाद प्रशासन की ओर से पटवारी को 24 अगस्त 2026 को कारण बताओ नोटिस जारी कर जवाब मांगा गया था। निर्धारित समय में पटवारी द्वारा जवाब प्रस्तुत नहीं किया गया।
तत्काल प्रभाव से किया गया निलंबित
इसके बाद अनुविभागीय अधिकारी राजस्व श्रीमती अमृता गर्ग ने मध्यप्रदेश सिविल सेवा नियम, 1966 के नियम-9 के तहत आशीष सोनकर को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया, निलंबन अवधि में उनका मुख्यालय तहसील सोहागपुर निर्धारित किया गया है । खबर के बाद हुई इस कार्रवाई को प्रशासन की बड़ी कार्रवाई के तौर पर देखा जा रहा है।
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