लखनऊ । शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती ने कहा कि उनकी ‘गविष्ठि (गौरक्षार्थ धर्मयुद्ध) यात्रा’ का उद्देश्य गौ माता की रक्षा के लिए जनजागरण करना है। उन्होंने कहा कि प्रदेश की विधानसभाओं में जाकर मतदाताओं से यह संकल्प दिलाया जा रहा है कि आगामी विधानसभा चुनाव में वे केवल उन्हीं उम्मीदवारों को वोट दें जो गौ माता की रक्षा के पक्षधर हों।
भगवान राम को काल्पनिक बताते हैं
बुधवार को लखनऊ पहुंचे शंकराचार्य ने कहा कि जो लोग भगवान राम को काल्पनिक बताते हैं या उनकी आस्था का सम्मान नहीं करते, उनके विचारों का समर्थन नहीं किया जा सकता। उन्होंने कहा कि वे धर्माचार्य हैं और गौ संरक्षण तथा सनातन परंपरा के संरक्षण के लिए समाज के बीच संवाद कर रहे हैं।
चंपत राय को लेकर क्या कहा
राम मंदिर ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय से जुड़े सवाल पर शंकराचार्य ने कहा कि अभी तक उनका इस्तीफा सार्वजनिक रूप से सामने नहीं आया है। उन्होंने कहा कि यदि किसी मामले में जवाबदेही बनती है तो संबंधित व्यक्ति को पद छोड़ देना चाहिए। जो कोषाध्यक्ष है, वही प्रेस कांफ्रेंस कर रहा है।
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गौ संरक्षण पर योगी सरकार को घेरा
राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ और भाजपा पर निशाना साधते हुए उन्होंने कहा कि केवल गौ माता के सम्मान की बात करना पर्याप्त नहीं है, बल्कि इसके अनुरूप ठोस निर्णय भी लिए जाने चाहिए। उन्होंने उत्तर प्रदेश सरकार से सवाल किया कि यदि गाय को माता माना जाता है तो उसके संरक्षण के लिए और अधिक प्रभावी कदम क्यों नहीं उठाए जाते।
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गौ माता को ‘राष्ट्रमाता’ घोषित करने की मांग दोहराते हुए शंकराचार्य ने कहा कि सरकार को इस दिशा में निर्णय लेना चाहिए। उन्होंने कहा कि यदि सरकार ऐसा नहीं करती है तो जनता इस मुद्दे पर अपना निर्णय स्वयं करेगी। उन्होंने लोगों से गौ संरक्षण को सामाजिक और धार्मिक दायित्व मानते हुए इस अभियान से जुड़ने का आह्वान किया।
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उन्होंने बताया कि 3 मई 2026 को गोरखपुर से शुरू हुई यात्रा उत्तर प्रदेश की 403 विधानसभाओं में से 300 से अधिक क्षेत्रों से होकर गुजर चुकी है। उन्होंने घोषणा की कि 23 जुलाई को यात्रा लखनऊ पहुंचेगी और 24 जुलाई को दोपहर 12 बजे आशियाना स्थित कांशीराम स्मृति उपवन मैदान में 2,18,700 धर्म सैनिकों के साथ ‘गौ गर्जन अक्षौहिणी संकल्प’ कार्यक्रम आयोजित किया जाएगा। इस दौरान गौ माता की रक्षा के लिए धर्मयुद्ध की औपचारिक घोषणा की जाएगी।

